चित्तौड़गढ़। रावतभाटा स्थित फेज टू बस स्टैण्ड पर रविवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रावतभाटा से जयपुर के लिए साढ़े 7 बजे रवाना हुई रोडवेज बस 50 से 100 मीटर ही चली तभी बस चालक को हार्टअटैक (Bus Driver Heart Attack) आ गया और वह बोनट पर गिर गया। सवारियों के शोर मचाते ही परिचालक ने सतर्कता के साथ बोनट के नीचे लेटकर हाथों से ब्रेक लगाकर रोडवेज को रोका (Stopped the roadways by applying brakes) और बड़ा हादसा टाल दिया। बस चालक को तत्काल उप जिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिचालक मोहनलाल गुर्जर ने बताया कि रावतभाटा-जयपुर बस फेज टू बस स्टैण्ड से सुबह साढ़े 7 बजे रवाना हुई। बस में 15 यात्री सवार थे। बस कुछ मीटर ही चली और रफ्तार पकड़ती इससे पहले ही बस चालक दयाल (41) पुत्र मानसिंह रावत निवासी चारभुजा-झालरबावड़ी अचानक बोनट पर गिर गया। सवारियों के शोर मचाने पर परिचालक (the operator) मोहन गुर्जर ने बोनट के पास लेटकर हाथों से ब्रेक लगाकर तत्काल बस को रोक लिया। शोर सुनकर आस-पास के दुकानदार मौके पर पहुंचे और चालक को परमाणु बिजलीघर चिकित्सालय ले गए। यहां से उसे उपजिला अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस उपाधीक्षक प्रभुलाल कुमावत ने बताया कि टोंक डिपो की बस का चालक दयाल सिंह एक साल के लिए संविदा पर लगा था। परिवार में एक छोटा भाई और दो बड़ी बहनें है। मृतक अविवाहित था। बस स्टैण्ड पर सुबह उसने चाय-नाश्ता कर बस स्टार्ट की और उसे अटैक आ गया। परिचालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजन को सौंप दिया।
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