जयपुर/बूंदी। ईरान में अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते युद्ध और बमबारी के बीच उर्मिया विश्वविद्यालय में फंसे भारतीय छात्रों को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया है कि विश्वविद्यालय में मौजूद सभी भारतीय छात्र सुरक्षित हैं और दूतावास लगातार उनके संपर्क में बना हुआ है।
दरअसल ईरान में जारी सैन्य तनाव के बीच राजस्थान के कोटा निवासी एमबीबीएस छात्र Maj Haider सहित करीब 110 भारतीय छात्र उर्मिया मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी में फंसे हुए हैं। इस मामले को लेकर राष्ट्रपति सचिवालय में याचिका दायर किए जाने के बाद भारतीय दूतावास की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।
छात्रों के संपर्क में है भारतीय दूतावास
राष्ट्रपति Droupadi Murmu के नाम राष्ट्रपति सचिवालय में याचिका दायर करने वाले राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक और कांग्रेस नेता Charmes Sharma को तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने आधिकारिक जवाब भेजा है।
दूतावास ने अपने जवाब में बताया कि उर्मिया विश्वविद्यालय में पढ़ रहे सभी भारतीय छात्रों से संपर्क स्थापित किया जा चुका है। दूतावास को प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी छात्र सुरक्षित हैं और उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है। साथ ही छात्रों की सुरक्षा को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
युद्ध के बीच फंसे हैं 110 भारतीय छात्र
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी तनावपूर्ण हालात के चलते कई शहरों में बमबारी और सैन्य गतिविधियां बढ़ गई हैं। ऐसे में उर्मिया मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे करीब 110 भारतीय छात्र फिलहाल वहीं मौजूद हैं।
इन छात्रों में राजस्थान के कोटा निवासी माज हैदर भी शामिल हैं। उनके मामा जुनैद फारूखी ने बताया कि युद्ध जैसे हालात के कारण परिवार में लगातार चिंता का माहौल बना हुआ है और सभी लोग छात्रों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं।
6 फरवरी को दायर की गई थी याचिका
विदेश में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित वापस लाने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता चर्मेश शर्मा ने 6 फरवरी को राष्ट्रपति सचिवालय में याचिका दायर की थी। इसके साथ ही उन्होंने विदेश मंत्रालय और मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत दर्ज करवाई थी।
बताया गया कि कोटा निवासी छात्र माज हैदर के परिजनों ने छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए चर्मेश शर्मा से मदद की अपील की थी। इसके बाद उन्होंने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए संबंधित विभागों को पत्र भेजा।
परिवारों को मिली राहत, वापसी की उम्मीद
भारतीय दूतावास की ओर से छात्रों के सुरक्षित होने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों को कुछ राहत जरूर मिली है। हालांकि परिवारों की मांग है कि भारत सरकार जल्द से जल्द इन सभी छात्रों की सुरक्षित भारत वापसी सुनिश्चित करे।
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स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी सरकार से आग्रह किया है कि युद्ध प्रभावित क्षेत्र में मौजूद भारतीय छात्रों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्वदेश लाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।



