बूंदी। शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में शामिल रोडवेज बस स्टैंड पर शुक्रवार शाम अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब हवाई हमले जैसी सूचना प्रसारित की गई। सायरनों की आवाज और पुलिस-प्रशासन की तेज हलचल ने कुछ देर के लिए लोगों को वास्तविक खतरे का अहसास करा दिया। हालांकि, यह कोई वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि जिला प्रशासन द्वारा आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को जांचने के लिए आयोजित एक विशेष मॉक ड्रिल थी।
शाम 6 बजे शुरू हुआ आपातकालीन अभ्यास
करीब शाम 6 बजे बस स्टैंड परिसर में हवाई हमले जैसे हालात बनाए गए। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली, वहीं दमकल विभाग ने आधुनिक उपकरणों की सहायता से आग बुझाने का अभ्यास किया।
राहत और बचाव कार्य का लाइव प्रदर्शन
मॉक ड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस टीम ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का अभ्यास किया। इस दौरान कुल 20 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 5 को गंभीर हालत में रेफर किया गया। यह अभ्यास पूरी तरह से वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप किया गया, जिससे टीमों की दक्षता का सही आकलन हो सके।
प्रशासन ने परखा ‘रिस्पॉन्स टाइम’
कार्यवाहक जिला कलेक्टर रामकिशोर मीणा ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा या हवाई हमले जैसी स्थिति में विभिन्न विभागों के रिस्पॉन्स टाइम को परखना और उसे बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थितियों में हर सेकंड की अहमियत होती है, इसलिए समय पर और समन्वित कार्रवाई बेहद जरूरी है।
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बेहतर तालमेल से मजबूत होगी सुरक्षा
मॉक ड्रिल में पुलिस, प्रशासन, फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस सहित सभी विभागों ने मिलकर बेहतर समन्वय का प्रदर्शन किया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि आपदा की स्थिति में शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।



