बूंदी। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच बूंदी जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए पंचायत सखावदा, पंचायत समिति केशवरायपाटन में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह कुमावत को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। कार्रवाई के बाद पंचायत समिति परिसर में हड़कंप मच गया।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार आरोपी ग्राम विकास अधिकारी ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत सफाई कार्य करने वाले ठेकेदार से बिल पास करने, सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने और अन्य कार्यों में परेशान नहीं करने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी टीम ने ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि 5 मई को परिवादी ने एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा में शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि वह पंचायत समिति केशवरायपाटन के अधीन ग्राम पंचायत सखावदा में स्वच्छ भारत अभियान के तहत कचरा संग्रहण, नाली सफाई और सामुदायिक परिसरों की सफाई का कार्य करता है।
परिवादी ने बताया कि उसने दो माह के सफाई कार्यों के बिल ग्राम विकास अधिकारी को सौंपे थे। बिल पास होने के बावजूद भुगतान जारी नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि ग्राम विकास अधिकारी सतवीर सिंह कुमावत ने करीब 1 लाख 50 हजार 377 रुपए के बिलों का भुगतान करवाने, सिक्योरिटी राशि वापस दिलाने और अन्य टेंडर कार्यों में बाधा नहीं डालने के बदले 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।
गोपनीय सत्यापन में सही पाई गई शिकायत
मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीबी अधिकारियों ने 6 मई को शिकायत का गोपनीय सत्यापन करवाया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीना के निर्देशन में एसीबी स्पेशल यूनिट कोटा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। इसमें पुलिस निरीक्षक पृथ्वीराज मीना सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया।
रिश्वत लेते ही दबोचा
गुरुवार को एसीबी टीम ने केशवरायपाटन पंचायत समिति परिसर में ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही आरोपी ग्राम विकास अधिकारी ने परिवादी से 25 हजार रुपए रिश्वत के रूप में लिए, टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के दौरान एसीबी अधिकारियों ने मौके से रिश्वत राशि भी बरामद की। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई जारी है।
पंचायत समिति परिसर में मचा हड़कंप
एसीबी की कार्रवाई की खबर फैलते ही पंचायत समिति परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और आम लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। कई लोग इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बता रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पंचायत स्तर पर विकास कार्यों और भुगतान में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में एसीबी की कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में डर का माहौल बनेगा।
यह भी पढ़ें – अटरू: 50 हजार लेते संविदाकर्मी और दलाल रंगे हाथ गिरफ्तार, पट्टा बनाने के नाम पर मांगी थी 60 हजार की रिश्वत
एसीबी की कार्रवाई लगातार जारी
राजस्थान में एसीबी लगातार भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई कर रही है। सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी पर लगाम लगाने के लिए ब्यूरो की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। बूंदी में हुई इस कार्रवाई को भी भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपी ग्राम विकास अधिकारी से पूछताछ जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।



