बूंदी। जिले के तालेड़ा उपखंड क्षेत्र में आवारा श्वानों का आतंक अब जानलेवा साबित हो रहा है। सोमवार सुबह अल्कोदिया गांव में हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। यहां 10 वर्षीय मासूम बच्ची रिंकू भील को श्वानों के झुंड ने नोच-नोचकर मौत के घाट उतार दिया। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में शोक, भय और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, रिंकू भील (10) पुत्री बंशीलाल भील रोजाना की तरह सुबह करीब 6 बजे स्कूल जाने से पहले झोपड़ी से बाहर खुले में शौच के लिए गई थी। इसी दौरान आसपास घूम रहे आवारा श्वानों के झुंड ने उस पर अचानक हमला कर दिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक श्वान उसे बुरी तरह घायल कर चुके थे।
गंभीर हालत में बच्ची को तुरंत तालेड़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में मातम पसरा हुआ है।
पुलिस और प्रशासन पहुंचा मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एएसपी उमा शर्मा और डीएसपी राजेश टेलर, एसडीएम बूंदी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है।
जिला प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल राहत के प्रयास शुरू किए हैं। पीड़ित परिवार को सरकारी योजनाओं के तहत सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे, नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा श्वानों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही कारण है कि अब यह समस्या विकराल रूप ले चुकी है।
उल्लेखनीय है कि 13 फरवरी 2026 को सीतापुरा स्थित स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में भी डॉग बाइट की गंभीर घटना सामने आई थी, जिसमें एक छात्रा बुरी तरह घायल हो गई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे लोगों में नाराजगी है।

ओम बिरला पहुंचे गांव, दी आर्थिक मदद
घटना की जानकारी मिलते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अल्कोदिया गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने परिवार को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और अतिरिक्त 1 लाख रुपये जनसहयोग से दिलवाने का आश्वासन दिया। साथ ही जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना, बच्चों की शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल दिलाया जाए।

जिला कलेक्टर ने दिए ठोस कदम उठाने के निर्देश
जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव भी मौके पर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए ठोस रणनीति बनाई जाए। कलेक्टर ने बताया कि पीड़ित परिवार को राहत देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा और अन्य योजनाओं में प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विधायक ने उठाए सवाल, 5 लाख मुआवजे की मांग
बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवार को कम से कम 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि पीड़ित परिवार अत्यंत गरीब है और उनके पास न तो पक्का आवास है और न ही कोई स्थायी आय का स्रोत। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी इसी तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मदद नहीं मिली।
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ग्रामीणों में आक्रोश, समाधान की मांग तेज
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने आवारा श्वानों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए होते, तो आज एक मासूम की जान नहीं जाती। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा श्वानों की नसबंदी, पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था तुरंत की जाए। साथ ही गांवों में सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।



