सुमन शर्मा बैरिकेड्स पर चढ़ीं; सीएम भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर साधा निशाना
जयपुर। लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को समर्थन नहीं मिलने के विरोध में भाजपा ने राजधानी जयपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने “जन आक्रोश पदयात्रा” निकालकर विपक्ष के खिलाफ नाराजगी जताई। पदयात्रा की शुरुआत भाजपा कार्यालय से हुई, जिसे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने शहीद स्मारक के लिए रवाना किया।
पुलिस ने रोकी पदयात्रा, बढ़ा तनाव
जैसे ही पदयात्रा कमिश्नरेट के पास पहुंची, पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर इसे आगे बढ़ने से रोक दिया। इससे महिला कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ गई और मौके पर हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुमन शर्मा बैरिकेड्स पर चढ़ गईं और उन्हें पार करने का प्रयास किया, जिससे माहौल और गरमा गया।
बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी
पदयात्रा में शामिल महिलाओं ने “महिलाओं के अधिकारों पर वार” जैसे नारे लिखे पोस्टर हाथों में ले रखे थे और जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन में प्रदेशभर से आई महिला कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
पदयात्रा से पहले भाजपा कार्यालय में आयोजित सभा में सीएम भजनलाल शर्मा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल का दिन ऐतिहासिक बनने वाला था, लेकिन विपक्ष ने इसे “काला दिन” बना दिया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जिन दलों ने वर्षों तक शासन किया, उन्होंने महिलाओं के लिए क्या किया? उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष परिवारवाद की राजनीति करता है और महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहता।
“महिलाओं को उनका हक मिलेगा”
सीएम ने कहा कि जिस तरह जयपुर की सड़कों पर महिलाओं का हुजूम उमड़ा है, उससे साफ है कि आने वाले समय में महिलाओं को उनका अधिकार जरूर मिलेगा। वहीं उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं का हक छीना गया है और जनता को ऐसे दलों को जवाब देना चाहिए।
प्रदेश मंत्री का विवादित बयान
प्रदेश मंत्री एकता अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने “रावण” बनकर महिलाओं के अधिकारों का हनन किया है और महिलाएं इसका जवाब देंगी।
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क्यों नहीं पास हो सका बिल?
गौरतलब है कि लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 131वां संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो सका। इस बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था। वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पारित करने के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी।



