बूंदी। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें पटवारी द्वारा राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने के बदले रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई है। हालांकि ट्रेप की पूरी तैयारी के बावजूद आरोपी पटवारी हाथ नहीं आया, लेकिन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुमेरगंज मंडी निवासी लक्ष्मीचंद मीणा ने 22 जनवरी 2026 को एसीबी कोटा को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी खातेदारी भूमि के बंटवारे को ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड में चढ़ाने के लिए हल्का पटवारी रामकिशन मीणा ने 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। आरोप है कि पटवारी पहले ही 5 हजार रुपए ले चुका था और शेष 5 हजार रुपए की मांग कर रहा था।
गोपनीय सत्यापन में सही पाए गए आरोप
एसीबी अधिकारियों ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए गोपनीय सत्यापन करवाया। जांच के दौरान पटवारी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसमें साफ तौर पर 10 हजार रुपए की मांग और 5 हजार रुपए पहले लेने की बात सामने आई।
ट्रेप की कई बार हुई कोशिश, लेकिन आरोपी नहीं आया हाथ
एसीबी टीम ने 29 और 30 जनवरी को आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए ट्रेप की योजना बनाई। इसके तहत परिवादी को फिनाफ्थलीन पाउडर लगे 5 हजार रुपए दिए गए और पूरी टीम मौके पर तैनात रही। लेकिन हर बार पटवारी ने मिलने का समय बदल दिया या फोन नहीं उठाया। एक बार तो उसने खुद को जयपुर में होने की बात कहकर मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह लंबी छुट्टी पर चला गया, जिससे ट्रेप कार्रवाई सफल नहीं हो सकी।
परिवादी को लौटाए गए 5 हजार रुपए
ट्रेप असफल रहने और आरोपी के लंबे अवकाश पर चले जाने के कारण परिवादी ने अपनी दी गई 5 हजार रुपए की राशि वापस लौटाने का अनुरोध किया। एसीबी ने विधिक प्रक्रिया पूरी कर राशि वापस परिवादी को सौंप दी।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
इस प्रकरण की एसीबी स्पेशल यूनिट की पुलिस निरीक्षक अनीता वर्मा द्वारा की गई जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाने पर एसीबी ने आरोपी पटवारी रामकिशन मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की जांच उप अधीक्षक पुलिस हरीश भारती को सौंपी गई है।
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प्रशासन का सख्त संदेश
एसीबी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी कार्य के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।



