मासूम की एक कॉल से हरकत में आया प्रशासन, दो नाबालिग बालिकाओं का बाल विवाह रुकवाया, जिले में सख्त कार्रवाई जारी
बूंदी। जिले में एक भावुक और प्रेरणादायक घटना सामने आई है, जहां महज 8 साल के एक बालक ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर कॉल कर अपनी ही उम्र की एक बालिका का बाल विवाह रुकवाने में अहम भूमिका निभाई।
मासूम बच्चे की आवाज में दर्द और सच्चाई साफ झलक रही थी— “भैया/दीदी, कृपया मेरी दोस्त की शादी रुकवा दीजिए… वो अभी बहुत छोटी है, हम साथ खेलते हैं, स्कूल जाते हैं… उसे पढ़ना है…” यह घटना न केवल बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए एक बड़ा संदेश भी है कि सही और गलत की समझ उम्र की मोहताज नहीं होती।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची टीम
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जिला समन्वयक रामनारायण गुर्जर ने बताया कि बच्चे की सूचना मिलते ही टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए केस वर्कर अर्चना मीणा के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मौके पर पहुंचने पर पता चला कि कक्षा 5 में पढ़ने वाली 8 वर्षीय बालिका का विवाह धूमधाम से किया जा रहा था। साथ ही एक 16 वर्षीय नाबालिग बालिका का भी बाल विवाह उसी कार्यक्रम में आयोजित था।
पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए दबलाना थाना अधिकारी प्रिया व्यास को सूचना दी गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों बालिकाओं को रेस्क्यू कर चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के साथ बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पोद्दार के समक्ष प्रस्तुत किया। बालिकाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें अस्थाई आश्रय (शेल्टर होम) में सुरक्षित रखा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग और आगे की देखभाल की जा रही है।
जिले में लगातार सख्ती, कई बाल विवाह रोके गए
बूंदी जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर प्रशासन और चाइल्डलाइन टीम लगातार सक्रिय है। हाल ही में विभिन्न क्षेत्रों से मिली सूचनाओं के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा चार निषेधाज्ञाएं जारी कर कई प्रस्तावित बाल विवाहों को रोका गया। सदर थाना क्षेत्र में 16 और 17 वर्ष की दो बालिकाओं के विवाह को भी रोका गया, जबकि एक अन्य मामले में 10वीं कक्षा की नाबालिग बालिका का विवाह 28 वर्षीय युवक से तय था, जिस पर भी समय रहते रोक लगाई गई।
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कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



