बूंदी। राजस्थान के बूंदी जिले में दुष्कर्म के एक मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। 20 वर्षीय अविवाहित युवती के करीब छह माह के गर्भ का कथित रूप से उसकी इच्छा के विरुद्ध निजी अस्पताल में गर्भपात कराने का आरोप सामने आया है। मामला सामने आने के बाद बूंदी शहर के बाईपास रोड स्थित संबंधित निजी अस्पताल की भूमिका भी पुलिस जांच के घेरे में आ गई है।
पीड़िता के पिता की ओर से रायथल थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, युवती के साथ दुष्कर्म के बाद वह गर्भवती हो गई थी। आरोप है कि आरोपी ने आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इसी डर और कथित ब्लैकमेल के चलते आरोपी ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
गर्भवती होने की जानकारी मिली तो बूंदी ले जाने का आरोप
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि गर्भवती होने की जानकारी सामने आने के बाद आरोपी युवती को घूमाने के बहाने बूंदी लेकर आया। इसके बाद उसे बाईपास रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध करीब छह माह के गर्भ का कथित गर्भपात कराया गया।आरोप यह भी है कि गर्भपात के बाद आरोपी युवती को अस्पताल में ही छोड़कर फरार हो गया। बाद में पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
1 जुलाई को दर्ज हुई रिपोर्ट, 4 जुलाई को आरोपी गिरफ्तार
परिजनों की जानकारी में मामला आने के बाद 1 जुलाई को रायथल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म के आरोपी मुरली शर्मा को 4 जुलाई को गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
अस्पताल संचालक को BNSS की धारा 94 का नोटिस
पुलिस ने निजी अस्पताल की भूमिका की जांच के लिए अस्पताल संचालक को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 94 के तहत नोटिस जारी किया है। पुलिस ने अस्पताल से उपचार संबंधी रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज और अन्य आवश्यक जानकारी तलब की है।
इसके अलावा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को भी पत्र भेजकर संबंधित जानकारी मांगी गई है। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों और जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच में सामने आएगा असली सच
पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि कथित गर्भपात किन परिस्थितियों में हुआ, अस्पताल में युवती का उपचार किस प्रक्रिया के तहत किया गया और इस पूरे मामले में अस्पताल की भूमिका क्या रही। पुलिस इन सभी बिंदुओं की जांच कर रही है।
रायथल थानाधिकारी दलवीर सिंह के अनुसार, दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं, गर्भपात से जुड़े आरोपों की अलग से जांच की जा रही है। संबंधित अस्पताल को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड मांगा गया है और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।



