बूंदी। जिले के प्रशासनिक और न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए अभिभाषक परिषद् के अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जिले से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर ज्ञापन सौंपा, जिसमें बूंदी बस स्टैंड को मिनी सचिवालय बनाए जाने तथा वर्तमान कोर्ट परिसर को बस स्टैंड क्षेत्र में स्थानांतरित किए जाने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि वर्तमान में जिले के विभिन्न प्रशासनिक कार्यालय अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहे हैं, जिससे आमजन को अपने कार्यों के लिए बार-बार भटकना पड़ता है। यदि बस स्टैंड परिसर को मिनी सचिवालय के रूप में विकसित किया जाता है, तो एक ही स्थान पर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे न केवल आम नागरिकों का समय बचेगा, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में भी सुगमता आएगी।
अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि कोर्ट परिसर को बस स्टैंड क्षेत्र में स्थानांतरित करने से अधिवक्ताओं, पक्षकारों और आम लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। वर्तमान कोर्ट परिसर तक पहुंचने में यातायात और पार्किंग जैसी समस्याएं सामने आती हैं, जिन्हें नए स्थान पर बेहतर ढंग से व्यवस्थित किया जा सकता है।
उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि जनहित एवं अधिवक्ताओं की सुविधा से जुड़े इस प्रस्ताव पर सरकार स्तर पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय से पूर्व सभी तकनीकी, प्रशासनिक और व्यवहारिक पहलुओं का गहन अध्ययन कराया जाएगा, ताकि जिले के समग्र विकास को गति मिल सके।
कृषि उपज मंडी का भी किया निरीक्षण
इसी दौरान डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने बूंदी की कृषि उपज मंडी का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी की साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था तथा किसानों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मंडी में मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर किया जाए। साथ ही मंडी विकास से जुड़े लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने के भी निर्देश दिए।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में अभिभाषक परिषद् के अध्यक्ष नारायण सिंह गौड़ के साथ सचिव पंकज दाधीच, पुस्तकालय अध्यक्ष कृष्ण मुरारी दाधीच, कोषाध्यक्ष संजय शर्मा सहित कार्यकारिणी सदस्य एजाज रिज़वी, हेमराज मीणा, अंकित शर्मा, कमल देव गौचर शामिल रहे। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पूर्व विधायक ओमप्रकाश डिंगल, रमेशचंद भंडारी, दिनेश पारिख, आनंद सिंह नरूका, जगदीश गुप्ता, पदम कासलीवाल, राजू सिंह गुरु दिता, मनीष जैन श्रीमाल, राजकुमार गोयल, अशोक मीणा, जितेंद्र जैन, गौरव शर्मा, किन्शुक पारिख, महेश नामा, श्याम गौतम, अजय गौतम एवं ऋतु राज सैनी सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।
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अधिवक्ताओं ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार बूंदी जिले के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी, जिससे अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी सीधा लाभ मिलेगा।



