जयपुर। राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। शुक्रवार (23 जनवरी) को राजधानी जयपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई, जबकि कुछ इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा भी छाया रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 2 से 3 दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
पुष्कर में सबसे ज्यादा बारिश
अजमेर जिले के पुष्कर में सबसे अधिक 13 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा जयपुर, अजमेर, भरतपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की बारिश हुई, जिससे सर्दी का असर और बढ़ गया है।
तापमान में गिरावट के आसार
प्रदेश में शुक्रवार को सर्वाधिक अधिकतम तापमान चित्तौड़गढ़ में 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मौसम विभाग का अनुमान है कि—
- अगले 2-3 दिनों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिर सकता है
- अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट संभव है
- 26-27 जनवरी को फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 26 और 27 जनवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके चलते—
- बीकानेर संभाग
- शेखावाटी क्षेत्र
- जयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग
के कुछ हिस्सों में मेघगर्जन, आकाशीय बिजली, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
जयपुर में बढ़ेगी ठंड
राजधानी जयपुर में आने वाले दिनों में सर्दी और तेज होने के आसार हैं—
- अधिकतम तापमान: 21 डिग्री सेल्सियस
- न्यूनतम तापमान: 8 डिग्री सेल्सियस
मौसम विभाग के अनुसार 24 और 25 जनवरी को न्यूनतम तापमान 6 डिग्री के करीब रह सकता है, जबकि 26 से 29 जनवरी के बीच पारा 10 डिग्री से भी नीचे जाने की संभावना है।
शेखावाटी में मावठ और ओलावृष्टि
शेखावाटी अंचल में मौसम ने जबरदस्त पलटा खाया है। गुरुवार (22 जनवरी) से ही रुक-रुक कर मावठ की बारिश हो रही है।
- सीकर और आसपास के इलाकों में बारिश
- रींगस सहित कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि
नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 24 जनवरी तक शेखावाटी में बारिश जारी रहने की संभावना है।
किसानों के लिए राहत की बारिश
हल्की से मध्यम बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश रबी की फसलों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है।
- गेहूं
- सरसों
- चना
- जौ
जैसी फसलों को इस बारिश से खास लाभ मिलने की उम्मीद है।
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अधिक बारिश हुई तो बढ़ेगी चिंता
हालांकि कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी भी दी है कि अगर बारिश ज्यादा होती है तो—
- खेतों में जलभराव
- फसलों के गिरने
- रोग लगने
का खतरा बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को खेतों की नियमित निगरानी और जरूरत पड़ने पर पानी निकासी की व्यवस्था रखने की सलाह दी है।



