संयुक्त किसान मोर्चा का भारत बंद आज, कांग्रेस ने दिया समर्थन, किसान-मजदूर जन मोर्चा बंद कराने सड़कों पर उतरे

 
संयुक्त किसान मोर्चा का भारत बंद आज

जयपुर। केन्द्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आज भारत बन्द रखा गया है। राजस्थान में संयुक्त किसान-मजदूर जन मोर्चा ने बन्द की घोषणा करते हुए सभी व्यापारियों, व्यापारिक संगठनों और आम जनता से बंद को सफल बनाने की अपील की है। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजाराम मील समेत मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आन्दोलन सिर्फ किसानों की मांगों के लिए ही नहीं है, बल्कि यह आंदोलन देशहित और आम जनता के हितों से जुड़ा हुआ जन आंदोलन बन चुका है। यह हमारी फसलों और आने वाली नस्लों को बचाने की लड़ाई है। देश के संविधान, लोकतन्त्र और लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने का यह आंदोलन है।

कांग्रेस पार्टी ने भी भारत बन्द को दिया अपना समर्थन
राजस्थान पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा है कि आज भारत बन्द को कांग्रेस पूरा समर्थन करती है। डोटससरा ने कहा है कि लोकतंत्र में तानाशाह सोच से फैसले नहीं किए जाते हैं। केन्द्र की भाजपा की नीतियां और फैसलें किसी तानाशाह शासक से प्रभावित लगते हैं। किसान कोरोना जैसी भयानक बीमारी की पीड़ा में भी आंदोलन कर रहा है, फिर भी केन्द्र सरकार उसे सुनने को तैयार नहीं है। देश में मन की बात हो सकती है। लेकिन केन्द्र के पास किसानों की पीड़ा सुनने का समय नहीं है। कांग्रेस किसान के हर फैसले में उसके साथ खड़ी है। आज बन्द को समर्थन करना किसान के हक की मांग का समर्थन करना है।

बन्द के तहत आज सोमवार सुुबह 11 बजे जयपुर में गवर्नमेंट होस्टल पर शहीद स्मारक से सभी किसान, मजदूर, छात्र, युवा, महिला सामाजिक संगठन रैली निकालेंगे। यह रैली एमआई रोड, सांगानेरी गेट, बड़ी चौपड़, छोटी चौपड़, चांदपोल बाजार, संजय सर्किल,सिंधी कैंप बस स्टैंड,खासा कोठी सर्किल से होते हुए जिला कलेक्ट्रेट पर पहुंच कर ख़त्म होगी। स्टूडेंट्स और युवाओं की टोलियां बाजारों में व्यापारियों से बाजार बन्द करवाने की अपील कर रहे हैं।

संयुक्त किसान-मजदूर जन मोर्चा का कहना है कि देश के अन्नदाता किसान पिछले 10 महीने से दिल्ली के चारों ओर सभी तरह की मुसीबतों को झेलते हुए मोर्चा संभाले बैठे हुए हैं। तेज सर्दी, गर्मी, आंधी, तूफान, बारिश के मौसम के बीच भी किसान सड़कों पर डटे रहे। अपनी जायज मांगों के लिए आंदोलन करते हुए अब तक 625 से ज्यादा किसान अपनी शहादत दे चुके हैं। इसलिए अब सरकार को जगाने और अपनी एकता की ताकत दिखाने के लिए भारत बन्द किया जा रहा है।

मोर्चा ने आरोप लगाया है कि केन्द्र सरकार देशी-विदेशी कॉर्पाेरेट घरानों के इशारे पर सिर्फ उनका मुनाफा बढ़ाने के लिए सारे कानून बदलने में लगी हुई है। तीनों कृषि-कानून, मजदूरों के श्रम कानूनों को बदल कर चार लेबर-कोड में बदलने समेत सारी नीतियों का मकसद बड़े पूंजीपति आकाओं के मुनाफे बढ़ाने के लिए हैं।

इन संगठनों ने दिया बन्द को समर्थन
अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव डॉ.संजय माधव, डॉ. सी.बी.यादव, किसान आर्मी किसान एकता मिशन के अध्यक्ष डॉ.सौरभ राठौड़, समग्र सेवा संघ के सवाई सिंह, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव के.सी.घुमरिया, एटक के प्रदेश महासचिव कुणाल रावत, समाजवादी किसान मोर्चा के शैलेन्द्र अवस्थी, एनएफआईडब्ल्यू से सुनीता चतुर्वेदी, राजस्थान किसान सभा के रमेश शर्मा, किसान यूनियन के चैनाराम चौधरी समेत किसान मजदूर जन आंदोलन की अगुवाई करने वाले नेताओं का इस बन्द को समर्थन है।