अलीगढ़ बैंक ऑफ बड़ौदा के वरिष्ठ प्रबन्धक राजेश मीणा के नैतृत्व में शाखा द्वारा सर्वाधिक पेन्शन खाते खोलने पर मिला अवार्ड

- अलीगढ़ शाखा प्रबन्धक राजेश मीणा के 2 साल बेमिसाल कार्यकाल में शाखा को 15वीं बार मिला पुरूस्कार
 
प्रबन्धक राजेश मीणा

टोंक/अलीगढ़, (शिवराज मीना/विजयसिंह मीना)। जिले में उनियारा उपखण्ड क्षेत्र के अलीगढ़ कस्बा स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा ने पेंशनधारियों के सर्वाधिक खाता खोलने में अव्वल स्थान प्राप्त कर बैंक प्रबन्धन से प्रशस्ति पत्र प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

अलीगढ़ बैंक ऑफ बड़ौदा के वरिष्ठ शाखा प्रबन्धक राजेश मीणा ने बताया कि उनके द्वारा कार्यभार सम्भालने के 2 साल के अन्दर अलीगढ़ शाखा ने ये पन्द्रहवां पुरूस्कार प्राप्त किया है। इससे पूर्व भी शाखा प्रबन्धक राजेश मीणा ने जिले की सूंथडा शखा में प्रबंधक व दूनी शाखा में उप प्रबन्धक तथा बूंदी जिले के केशोरायपाटन शाखा में उप प्रबन्धक रहते हुए कई बार उत्कृष्ट बैंकिंग सेवाओं के लिए सम्मानित किया जा चुका है। शाखा प्रबन्धक राजेश मीणा ने इस सफलता के लिए सभी ग्राहकों को धन्यवाद दिया है और शाखा स्टाफ की सकारात्मकता से आगे भी लगातार इसी तरह से अच्छी ग्राहक सेवा देने का वादा किया। वहीं वरिष्ठ शाखा प्रबन्धक राजेश मीणा ने सभी खाताधारकों से प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा और प्रधानमंत्री जीवन सुरक्षा बीमा करवाने की अपील भी की है।

उन्होंने बताया कि बीमाधारक की मृत्यु होने पर इन योजनाओं में 2-2 लाख मिलने का प्रावधान है। इस योजना में बीमा निस्तारण बहुत जल्दी होता है, कोरोना की महामारी के समय भी जब सब कुछ बन्द सा था, उस समय भी बैंक ऑफ बड़ौदा अलीगढ़ शाखा ने करीब 6 लोगों के परिजनों को बीमा राशि क्लेम के रूप में 2-2 लाख रूपये दिलवाए। पूर्व में जिन मृतक खाताधारकों के परिजनों को ये राशि मिली उनमें मोहनलाल प्रजापत निवासी अलीगढ़, कजोड़ गुर्जर पुत्र हजारीलाल गुर्जर बामनियां, राकेश सैनी पुत्र शंकरलाल सैनी बरडा मालियान अलीगढ़, पार्वती पत्नी अर्जुनलाल सैनी चोरू के नाम शामिल है। इनके परिजनों को 2-2 लाख रूपया पीएमएसबीआई व पीएमजेजेबीवाई बीमा योजना के अन्तर्गत दिया गया था। इसके अलावा वरिष्ठ शाखा प्रबन्धक राजेश मीणा ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि वे अपने बचत खातों में नॉमिनेशन (नामिती) जरूर जुड़वाए, जिससे कि खाताधारक की मृत्यु के बाद खाते में पड़ी राशि बिना किसी ज्यादा कागजी कार्यवाही के आसानी से मृत खाताधारक के परिजनों को मिल सके।

अगर खाताधारक द्वारा नॉमिनेशन नहीं जुड़वाया जाता है तो कागजी प्रक्रिया में काफी भागदौड़ करनी पड़ती है, जिससे कि खाताधारक के परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिन लोगो के खातों में नामांकन जुड़े हुए थे उनकी मृत्यु के पश्चात बिना किसी परेशानी व न्यूनतम कागजी कार्यवाही के उनके नामितियों को मृत खाताधारक के खाते में पड़ा हुआ पैसा दिया गया। कोरोना काल में भी ऐसे ही मृत खाताधारकों के परिजनों को उनके खाते में पड़ा पैसा लौटाया गया, जिससे कि उनके नामिती व्यक्ति को ज्यादा परेशानियों का सामना नही करना पड़ा। इनमें जगदीशी देवी पत्नी बजरंगलाल निवासी बरडा ढाणी अलीगढ़, हरिराम मीना पुत्र बजरंगा मीणा निवासी सोलतपुरा, सीताराम मीणा पुत्र किशन मीना निवासी देवली के नाम शामिल है। इन व्यक्तियों के परिजनों की मृत्यु के पश्चात उनका खाता बन्द करवाने के दौरान जमा राशि इनको सौपीं गई।