मौलाना कलीम सिद्दीक़ी, मौलाना उमर गौतम मुफ़्ती जहाँगीर सहित अन्य की रिहाई एसडीपीआई ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन

 
एसडीपीआई ने कलेक्टर को दिया ज्ञापन

टोंक,(शिवराज मीना/रफीउद्दीन अंसारी)। मौलाना कलीम सिद्दीक़ी, मौलाना उमर गौतम मुफ़्ती जहाँगीर सहित अन्य की रिहाई के लिए एसडीपीआई ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर टोंक को ज्ञापन सौंपा है।
एसडीपीआई द्वारा सौंपें गये ज्ञापन में बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी एक ऐसी शख्सियत है जो पूरे हिन्दुस्तान ही नहीं बल्कि दूसरे मुल्कों में भी हर मजहब के मानने वालों में से ही मकबूलियत उम्मीद रखते हैं। मुल्क की भलाई उनका मिशन सबके सामने इस्लाम का पैगाम अमन व शांति बड़े अच्छे से पेश करते हैं, यह कानून और दस्तूर के दायरे में रहते हुए मज़लूमो की मदद करते हैं। उनको और उनके साथियों को 21 व 22 सितम्बर के दरमियानी रात को बिना किसी वजह से मेरठ से रात्रि 9:30 बजे करीब उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह मेरठ से अपने घर मुजफ्फरनगर आ रहे थे।

एसडीपीआई

जबकि बात तो यह है कि उनको पुलिस स्टेशन ले जाने के बजाय इंक्वायरी के नाम पर किसी दूसरी जगह ले जाया गया, जो सरासर कानून के खिलाफ है, वर्जी और मूल के अमन में सलामती के लिए इंतेहा खतरनाक है। इस्लाम का पैगाम अमन और शांति सब को पहुंचाने लगे उनको पिछले जुलाई से महीने में मज़हब तब्दीली और बाहरी फीडिंग का इल्ज़ाम लगा कर गिरफ्तार कर लिया। जहांगीर कासमी मौलाना उमर गौतम के साथ काम कर रहे थे उन पर ना ही कोई मुकदमा था और ना ही कोई इल्जाम, उसके बावजूद उन पर जबरदस्ती मुकदमा चलाया गया और उन्हें पुलिस रिमाण्ड पर रखा गया है।

सरकारी एजेंसियों का रवैया और इनके इन्तेज़ामी कारिंदों की सरगर्मियां मुस्लिम कम्युनिटी और मुस्लिम लीडरान बिलखुसुस उलमा बिना वजह से गिरफ्तार कर लेना मुल्क और दस्तूर को कमजोर करने की खतरनाक साजिश है। इसलिए टोंक के तमाम मुसलमान मामले में मुतालबा करते है तथा उनको जल्द से जल्द रिहा किया जाए।