गबन मामलें में रामसागर सहकारी समिति कार्यवाहक व्यवस्थापक पर दोष सिद्ध- न्यायालय व उप रजिस्ट्रार ने पेश कीजाँच रिपोर्ट की

 
गबन मामलें में रामसागर सहकारी समिति कार्यवाहक व्यवस्थापक पर दोष सिद्ध- न्यायालय व उप रजिस्ट्रार ने पेश कीजाँच रिपोर्ट की

 टोंक/नगरफोर्ट,(शिवराज मीना/अविनाश मीना) । जिले के नगरफोर्ट तहसील क्षेत्र के रामसागर सहकारी समिति में सदस्यों की 10 प्रतिशत वृद्धि राशि मामले में हुए गबन की जाँच ओमप्रकाश चौधरी निरीक्षक (कार्यकरी) को जाँच अधिकारी नियुक्त किया गया था। जिसकी जाँच रिपोर्ट एक माह के भीतर प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया था, जिसमें व्यवस्थापक महावीर प्रसाद गुर्जर के उक्त अवधि में किये गये कार्यो की जाँच राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम 2001 की धारा 55 के अन्तर्गत जाँच करते हुये न्यायालय उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां ने व्यवस्थापक पर दोष सिद्ध की रिपोर्ट पेश की है।

जांच रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है, जिसमें 7 सदस्यों के प्रकरण अलग करने के पश्चात कुल 69 समिति सदस्यों की ऋण राशि 10 प्रतिशत की कुल वृद्धि राशि 76994 रूपयो का समिति के सूची में अंकित सदस्यों का भुगतान करने योग्य पाया गया है।  अतः उक्त सूची के सम्बंध में उप रजिस्ट्रार को बताया गया है की सम्बन्धित सदस्यों को समिति खातों में से राशि आहरित कर भुगतान करने बाबत सम्बन्धित को निर्देशित किया जावे।

साथ ही व्यवस्थापक द्वारा अपने कर्त्तव्य पूर्ति में कोताही बरतने एवं सम्बन्धित आहरित राशि 3 लाख में से बिना समिति कार्यकारिणी की स्वीकृति के स्वयं अमानत राशि 2.75 लाख का भुगतान प्राप्त करने के कारण समिति  व्यवस्थापक के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक तथा दण्डात्मक कार्यवाही की जावे। इसके अलावा भी व्यवस्थापक ने नियम विरूद्ध ही प्रस्ताव लेकर माह अप्रैल 2020 से सितम्बर 2021 तक 25 हजार रूपये प्रति माह के बतौर 18 महीने के 4 लाख 50 हजार रूपये प्राप्त किये है, जो प्राप्त की गई वेतन राशि भी व्यवस्थापक द्वारा रामसागर जीएसएस में जमा कराई जाने के निर्देश दिए गये है। एवं वेतन राशि मूल पदस्थापन वाली चारनेट जीएसएस से प्राप्त किया जावे।

प्रबन्ध निदेशक केन्द्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के पत्रांक 6286 दिनांक 06 जुलाई 2021 के द्वारा व्यवस्थापक महावीर प्रसाद गुर्जर को रामसागर जीएसएस से व्यवस्थापक का अतिरिक्त कार्यभार हटाकर राजेश कुमार सैनी व्यवस्थापक धुआँकलां जीएसएस को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। उसके उपरान्त भी पूर्व व्यवस्थापक द्वारा दूसरे व्यवस्थापक को अपनी मनमर्जी के चलते चार्ज नहीं दिया एवं नियमविरूद्ध राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर दायर वाद का भुगतान 35 हजार रूपये रामसागर जीएसएस के खाते से किया गया जो अनुचित है। मामले की जाँच रिपोर्ट की समीक्षा करते हुये प्रकाशचन्द मीणा उप रजिस्ट्रार सहकारी समितियां टोंक ने व्यवस्थापक द्वारा प्राप्त वेतन 4 लाख 50 हजार रुपये एवं वाद दायर फीस 35 हजार रूपये वसूली करने के निर्देश भी दिये गये है।