टोंक: फूड पॉइजनिंग से बिगड़ी 20 छात्राओं की तबीयत, चूरमा-बाटी खाने के आधे घंटे बाद ही होने लगी उल्टी-दस्त

 
टोंक: फूड पॉइजनिंग से बिगड़ी 20 छात्राओं की तबीयत, चूरमा-बाटी खाने के आधे घंटे बाद ही होने लगी उल्टी-दस्त

टोंक, (शिवराज मीना)। जिला मुख्यालय से करीब 6 किमी दूर चराई के देवनारायण आवासीय विधालय की 20 छात्राएं फूड पॉइजनिंग की शिकार हो गई, खाना खाने के बाद इनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी छात्राओं को उल्टी दस्त और पेट दर्द हुआ। छात्रावास में वार्डन नहीं होने से छात्राएं रातभर दर्द से तड़पती रही। सोमवार सुबह स्कूल पहुंचे शिक्षकों ने छात्राओं को अस्पताल पहुंचाया। इधर, सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने मेडिकल टीम को आवासीय विधालय भेजा और सभी छात्राओं का मेडिकल चेकअप किया।

जानकारी के अनुसार चराई के छात्रावास में 228 छात्राएं निःशुल्क रहती है। रविवार देर शाम स्पेशल डाइट के तहत इन्हें छात्रावास प्रबंधन की ओर से स्पेशल डाइट में चूरमा बाटी दी गई थी। इसके आधे घंटे बाद ही छात्राओं को सिर दर्द होने लगा। कईयों को उल्टी-दस्त हुई। लेकिन वहां न तो वार्डन थी और न ही प्रिंसीपल थी। इसके चलते रात भर ये छात्राएं दर्द से तड़पती रही। सुबह करीब 10 बजे कैंपस में स्थित स्कूल में शिक्षक पढ़ाने आये तो छात्राओं ने उनको जानकारी दी। इस पर अध्यापक अपने स्तर पर करीब 12 बजे 7 छात्राओं को सआदत अस्पताल लेकर गए। जानकारी मिलने पर जिला कलेक्टर ने तुरंत मेडिकल टीम को छात्रावास भेजा और अस्पताल में भी डॉक्टरों को बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। बाद में कलेक्टर चिन्मयी गोपाल, एडीएम मुरारी लाल शर्मा ने अस्पताल व हॉस्टल में जाकर छात्राओं से बातचीत की। छात्राओं ने बताया कि रविवार शाम को स्पेशल डाइट में चूरमा बाटी खाने को दी गई थी। उसे खाने के करीब आधा घंटा बाद ही कई छात्राओं को चक्कर आने लगे और पेट दर्द होने लगा, जबकि कई छात्राओं को उल्टी-दस्त कि शिकायत हुई। छात्रावास में कोई चतुर्थ श्रेणी महिला थी। वार्डन और प्रिंसीपल नहीं थी। इसलिए उन्हें एक टेबलेट तक नहीं मिली। सोमवार सुबह दीपक अग्रवाल व अन्य शिक्षकों ने बेसुध हालत में सआदत अस्पताल पहुंचाया।

जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने बताया कि यह गंभीर मामला है। जानकारी लगने के बाद पहली प्राथमिकता से छात्राओं का इलाज प्रारंभ करवाया है। छात्रावास में मेडिकल टीम भेजी गई है जो सभी छात्राओं का चेकअप करेगी। रात की भोजन सामग्री और पानी के सैंपल करवाए जा रहे है। इसके बाद इनमें कुछ मिलावट या अशुद्ध खाद्य सामग्री पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रिंसिपल और वार्डन के नदारद रहने के मामले को भी दिखवाया जाएगा।