निवाई में फैक्ट्री मालिक ने काटे हरे वृक्ष,पीडब्ल्यूडी ठेकेदार ने पुलिस थाने में की शिकायत

 
फैक्ट्री मालिक ने काटे हरे वृक्ष

टोंक/निवाई,(शिवराज मीना/कजोड़ गुर्जर) । एक ओर राज्य सरकार जहां पर्यावरण को लेकर करोड़ों रुपए खर्च कर हरे पेड़ लगा रही हैद्य वही दूसरी ओर निवाई शहर के रीको क्षेत्र में धड़ल्ले के साथ पेड़ काटे जा रहे हैं। निवाई रीको क्षेत्र में हरे पेड़ काटने से पर्यावरण प्रेमियों में गहरा आक्रोश है तथा प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी है।

प्रतिवर्ष पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार, पर्यावरण प्रेमी, विभिन्न सामाजिक संस्थाएं मिलकर पेड़ लगाते हैं। जिन्हें कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते कुछ लोग नियमों को ताक में रखकर निजी स्वार्थ के चलते हरे वृक्षों को काटकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

निवाई क्षेत्र में क्रिस्टल इंपैक्स पत्थर कटिंग का कार्य लगभग 10 वर्षों से किया जा रहा है। जहां पर प्रशासन एवं रीको प्रशासन कि बिना स्वीकृति के ही नीम सहित अन्य पेड़ काट दिए गए हैं। ज्ञात रहे कि 3 वर्ष पूर्व रीको क्षेत्र में लाखों रुपए खर्च कर 1345 पेड़ लगाए गए थे, जिनकी 5 साल तक देखरेख की जिम्मेदारी कांट्रेक्टर रतनलाल मीणा की फर्म को दी गई थी। ठेकेदार द्वारा पेड़ों की देखरेख का कार्य किया जा रहा है। लेकिन क्रिस्टल इंपैक्ट के मैनेजर द्वारा अपने निजी स्वार्थ में रास्ता निकालने के लिए पेड़ काट दिए हैं, जिसको पेड़ नहीं काटने के लिए कांट्रेक्टर रतनलाल मीणा ने मना किया ।

उसके उपरांत भी कंपनी मैनेजर ने बिना स्वीकृति के ही हरे पेड़ काट दिए एवं इसी प्रकार आरएल प्रोडक्ट कंपनी के बाहर भी लगे हरे पेड़ काटे गए हैं। जिसके संबंध में ठेकेदार द्वारा निवाई थाने में रिपोर्ट पेश करने पर कार्यवाही करने की बजाय पुलिस ने आनाकानी करते हुए अपने हिसाब से देखने की बात कर डाली द्य ऐसे में हरे पेड़ काटने का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आगामी कुछ समय में रीको क्षेत्र से पेड़ों का गायब होना निश्चित है। हरे पेड़ काटने पर रीको प्रबंधक कमल मीणा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उनसे किसी भी प्रकार की कोई स्वीकृति नहीं ली गई है एवं सोमवार को मामले की जानकारी कर उचित कार्यवाही करने की बात कही। इसी मामले में क्रिस्टल इंपैक्स कंपनी मैनेजर विजेन्द्र से बातचीत करने पर कंपनी मैनेजर ने कहा कि उन्हें नियमों का मालूम नहीं था, इसीलिए पेड़ काट दिए, अब स्वीकृति ले ली जाएगी और 4 पेड़ लगा दिए जाएंगे द्य जो कि यह मामला मैनेजर एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत को इंकित करता है।

क्रिस्टल इंपैक्स फैक्ट्री मैनेजर ने बौखलाहट में 2 फुट ऊपर से पेड़ काटकर उसे जल्दबाजी में जमीन में लगा दिया। फैक्ट्री में एक गार्ड रूम भी गैर तरीके से बना हुआ है जो कि रीको के नियमानुसार दो सड़कों के कोने पर रूम नहीं बनाया जा सकता । किंतु क्रिस्टल इंपैक्स कंपनी प्रबंधन ने नियमों को ताक में रखकर रूम बनाया गया है। जो कि रीको अधिकारियों की लापरवाही की ओर इशारा रहा है द्य इसी प्रकार आरएन प्रोडक्ट कंपनी ने भी जेसीबी से कुछ दिन पूर्व हरे पेड़ को हटाया गया था। जहां भी हटाने के लिए प्रशासन की स्वीकृति नहीं ली गई थी।हालांकि मामला मीडिया के सामने आने के बाद में कंपनी मालिक ने रीको प्रबंधक के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर 10 पेड़ लगाने की बात की थी। किंतु अभी तक पेड़ नहीं लगाए गए हैं।