लम्पी वायरस रोकथाम की अनूठी पहल,मां भद्रकाली मंदिर कांटोली मंहत ने 2 लाख रूपए की निशुल्क दवाइयां पशुपालकों को बांटी

 
Unique initiative of Lumpi virus prevention, Maa Bhadrakali temple Kantoli Mahant distributed free medicines worth Rs 2 lakh to the cattle farmers
 

टोंक/निवाई,(शिवराज बारवाल/निर्भय मीना)। गाय-भैंसो में चल रहे लंम्पी वायरस की रोकथाम को लेकर मां भद्रकाली मंदिर कांटोली के महंत श्री श्री 1008 श्रीराम महाराज अघोरी ने क्षेत्र में मंदिर की तरफ से करीब ₹ 2 लाख रुपए की दवाई पशु पालकों को निशुल्क वितरण की। इस धर्म के कार्य में बीजेपी जिला महामंत्री प्रभू बाडोलिया ने भी  विशेष भूमिका निभाई। 

इस मौके पर कांटोली, रामनगर, नोहटा, जामडोली, सिसोलाव आसपास के कई गांवों के पशु पालकों ने भद्रकाली मंदिर पहुंच कर निशुल्क दवाईयां ली। श्रीराम महाराज के शिष्य प्रभू बाडोलिया की टीम द्वारा गायों को लगातार ट्रीटमेंट जा रहा है। श्रीराम महाराज ने आसपास के सभी क्षेत्र वासियों से अपील की है कि जिस प्रकार आप किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए चंदा इकट्ठा करते हो उसी प्रकार सभी गांव वासी एकता दिखा कर गाय माता की रक्षा करें। अन्यथा गाय माता देखने को भी नहीं मिलेगी। 

यह वायरस बहुत तेजी से फैल रहा है। इसको रोकने के लिए सभी मंदिर ट्रस्ट के महंत व ग्रामवासी एकता दिखा कर अपने अपने क्षेत्र की जिम्मेदारी ले। गौ माता की रक्षा के लिए तन मन धन से प्रयास करें। इसी के साथ श्रीराम महाराज ने बताया कि बहुत जल्द मेरे समस्त शिष्यों से मदद लेकर क्षेत्र के सभी गांव में दवाई पहुंचाने का प्रयास करूंगा। श्रीराम महाराज ने कहा कि मां भद्रकाली मंदिर कांटोली व आस-पास के गांव में अगर यह वायरस किसी भी जानवर में दिखता है तो कोई भी व्यक्ति कभी भी मेरे नंबर पर कॉल करके निशुल्क दवाई ले जा सकते हैं। जितना होगा यथाशक्ति हम प्रयास करेंगे। हमारा मुख्य लक्ष्य है गौ माता की रक्षा करना यह समय है धर्म करने का। इसमें सभी एक साथ एकता दिखा कर कार्य करें, तो गौ माता बच सकती है। यही कलयुग की शुरुआत है।

अब भी संभलने का मौका है। जो संभल गया, वह बच गया। श्रीराम महाराज ने बताया कि अगर बहुत जल्द उपचार नही किया गया तो अभी जो गाय माता में देखने को मिल रहा है वह बहुत जल्द इंसानों में भी मिलेगा। ऐसा योग है, इस साल के अंत तक या 2023 में इसलिए सभी को एकता दिखा कर जल्द से जल्द इस महामारी से गौमाता को बचाएं।