टोंक जिले के ग्रामीण गैस उपभोक्ताओं से निर्धारित दर से अधिक वसूली, गांव गांव गैस सलेंडर सप्लायर वसूल रहे 1080₹

 
Recovery of more than the prescribed rate from rural gas consumers of Tonk district, village gas cylinder suppliers are charging 1080 ₹

टोंक/पीपलू,(शिवराज मीना/ओपी शर्मा)। जिले के पीपलू उपखंड क्षेत्र के सोहेला, कुरेडा, नानेर, पासरोटिया (Sohela, Kureda, Naner, Pasrotia of Piplu subdivision area of ​​the district)आदि पंचायतों में गैस की टंकी बुक करवाने के बाद गांवों में सप्लाई देने आने वाले एजेंसी से जुड़े कार्मिक निर्धारित राशि से करीब 15 रुपए अधिक वसूल रहे (Recovering about 15 rupees more than the prescribed amount) हैं। 

ग्रामीणों का आरोप है कि गैस टंकी की सप्लाई देते समय गाड़ी संचालक निर्धारित दर 1065₹ की जगह 1080 रुपए वसूल रहे हैं। अधिक वसूल कि जाने वाली राशि की एंट्री डायरी में नहीं की जाती है। ऐसे में एजेंसी संचालक द्वारा सरकार की तरफ से घरेलू गैस सिलेंडर सप्लाई के कमीशन के साथ ही लोगों से भी अवैध वसूली करके जमकर चांदी कुटी जा रही है। क्षेत्र में इण्डेन ग्रामीण वितरक एजेंसी पीपलू द्वारा घर-घर गैस सलेंडर सप्लाई की आड़ मे कम्पनी दर 1065 की जगह 1080 रुपये ग्राहकों से वसूल किए जा रहे हैं। वहीं यह गैस सिलेंडर (सीएससी) ई- मित्रों की दुकानों पर बिना गाईड लाईन के आवागमन वाले एरिया, विद्यालय, बैंक आदि के पास खुले में बेचा जा रहा है।

इन ई-मित्रों पर ना तो अग्निशमन यन्त्र और न ही गोदाम की व्यवस्था की गई है। जबकि यहां से रात-दिन प्रशासनिक अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है, जिनका इस ओर कोई ध्यान नहीं है। जो कभी भी किसी भी तरह से बडी अनहोनी का इन्तजार कर रहे हैं। 

इस तरह कर रहे कालाबाजारी
ग्राम पंचायतों पर स्थित ई-मित्रों पर 1080 में गैस सिलेंडर मिलता है। साथ ही डायरी में 1065 रूपये दर्ज किए जाते है। जिससे उपभोक्ता को 15 रुपये की चपत लगती हैं। जबकि सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर ग्राहकों को घर घर सेवा मिले की योजना हैं।

होटलों और चाय की दुकानों पर खप रहे घरेलू सिलेंडर
इतना ही नहीं गैस एजेंसी द्वारा क्षेत्र में जिन सिलेंडरों को घरों के किचन में होना चाहिए, उसे होटलों व चाय दुकानों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में धड़ल्ले के साथ खपाया जा रहा है। ऊंचे कमीशन के फेर में हो रही कालाबाजारी के लिए खाद्य विभाग के अफसर बेफिक्र नजर आ रहे हैं। इस को लेकर कम्पनी के सेल्स आफिसर से सम्पर्क करना चाहा लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका।

टोंक जिला रसद अधिकारी रामभजन मीना का कहना है कि इस संबंध में इनके कंपनी के सेल्स ऑफिसर ही ज्यादा अच्छे से बता पाएंगे। अलग-अलग कंपनी के अपने अपने-नियम है। सब काउंटर एजेंसी के तहत कंपनी ईमित्रों को ऑथेराइज्ड करती है।