टोंक राजस्व अपील अधिकारी का रीडर 12 हजार रूपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों ACB ने किया गिरफ्तार

- टोंक एसीबी ने बीते चार दिन में पकडे राजस्व विभाग के 2 रिश्वतखोर रीडर
- एसीबी की कार्यवाही से रिश्वत के घूसखोरों में मचा हड़कंप
 
Reader of Tonk Revenue Appeal Officer arrested red handed taking bribe of 12 thousand rupees

टोंक, (शिवराज मीना)। टोंक एसीबी की टीम (Tonk acb team) ने बीते चार दिन में राजस्व विभाग के 2 रिश्वतखोर रीडरों को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार पर लगाम (curb corruption) कसने का प्रयास किया है। महानिदेशक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान के निर्देशानुसार ACB टोंक ने शुक्रवार को न्यायालय राजस्व अपील अधिकारी टोंक के वरिष्ठ सहायक (रीडर) को 12 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार (caught red handed) किया गया है, जबकि इससे 4 दिन पूर्व 19 सितम्बर को निवाई में उप रजिस्ट्रार कार्यालय के रीडर कमलेश मीणा को भी टोंक एसीबी ने 11500 रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। एसीबी टीम द्वारा रिश्वखोर रीडर के आवास एवं अन्य ठिकानों पर तलाशी जारी हैं। 
 
एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर टोंक इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य के नेतृत्व में शुक्रवार को ट्रैप कार्यवाही को अंजाम देते हुए रिश्वतखोर लक्ष्मीनारायण रैगर वरिष्ठ सहायक (रीडर) न्यायालय राजस्व अपील अधिकारी, जिला टोंक को परिवादी से 12 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुये रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय राजस्थान जयपुर के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने जानकारी में बताया कि एसीबी टोंक इकाई को परिवादी द्वारा शिकायत दी गई कि उसकी पैतृक सम्पत्ति के संबंध में चल रहे वाद में मदद करने की एवज में लक्ष्मीनारायण वरिष्ठ सहायक (रीडर) न्यायालय राजस्व अपील अधिकारी, जिला टोंक द्वारा 15 हजार रूपये की रिश्वत राशि मांगकर परेशान किया जा रहा है। 

जिस पर एसीबी, जयपुर के उप महानिरीक्षक सवाईसिंह गोदारा के सुपरवीजन में एसीबी टोंक इकाई के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश आर्य के निर्देशन में ब्यूरो टीम द्वारा शिकायत का सत्यापन करवाया जाकर शुक्रवार को ट्रेप कार्यवाही करते हुए लक्ष्मीनारायण पुत्र लालचन्द रैगर निवासी मकान नं ० 15, चन्द्रलोक होटल के पास, टोंक हाल वरिष्ठ सहायक (रीडर) न्यायालय राजस्व अपीलीय अधिकारी, जिला टोंक को परिवादी से 12 हजार रूपये की रिश्वत राशि लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। वहीं एसीबी के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम.एन. के निर्देशन में टोंक एसीबी ब्यूरो टीम द्वारा आरोपी के निवास सहित अन्य ठिकानों की तलाशी एवं पूछताछ जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा।
 
जानकर सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार के मामले में टोंक जिला शायद सबसे आगे है और उनमें भी निवाई व उनियारा उपखण्ड क्षेत्र में बड़ी मछलियां एसीबी के जाल में फंस चुकी हैं। कई बड़ी मछलियां तो अपने धन-बल से बचने के रास्ते भी बना रही हैं। लेकिन टोंक एसीबी की लगातार कार्यवाही से टोंक जिले के भ्रष्टाचारियों में खलबली मची हुई है।