धरती पुत्रों पर यह कैसी मार... बनेठा में खाद के लिए किसान घंटों तक कतार में लगकर धूप में होते रहे परेशान

- पुलिस ने थाना परिसर में किसानों ने सुनाया अपना दर्द तो पुलिस ने धक्के मारकर की बदसलूकी
-किसानों ने खाद विक्रेता व पुलिस पर कालाबाजारी करवाने के जमकर लगाए आरोप
 
How is this a blow to the sons of the earth... Farmers in Banetha waited for hours in the queue for fertilizer and kept getting upset in the sun

टोंक/बनेठा/उनियारा, (शिवराज बारवाल/बाबूलाल मीना)। यूं तो टोंक जिलेभर में किसानों को खाद की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही (Farmers are facing severe shortage of fertilizers) हैं। इस बार अन्नदाताओं पर प्रकृति के प्रकोप ने भी बुरी तरह झकझोर कर रख दिया, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा है। वहीं अब रबी की फसल सरसों में बुआई के बाद खाद की किल्लत को लेकर दिनभर भूखे-प्यासे किसानों को खाद के बदले परेशान होकर अपना दुख सुनाने पर कई जगह पुलिस की लाठियां खाने के बाद भी अगर अपनी फसलों के लिए खाद नहीं मिले तो, इसे किसानों का दुर्भाग्य कहेगे।

 ऐसा ही मामला शनिवार को जिले के बनेठा में देखने को मिला। क्षेत्र के किसान शनिवार अल सुबह से ही खाद लेने के लिए भूखे प्यासे जब पुलिस थाने के सामने स्कूल के खेल मैदान में तो कभी ग्राम पंचायत के राजीव गांधी केंद्र में तो कभी पुलिस थाने में खाद के टोकन लेने के लिए घंटो तक लाइनों में लगकर परेशान होते रहे। जब पुलिस ने किसानों की भीड़ को थाने से खदेड़ा तो कई बुजुर्ग महिला पुरुष किसान भी दीवारें कूदते नजर आए। जबकि जानकारी के अनुसार बनेठा कस्बा में खाद से भरा ट्रक शुकवार-शनिवार मध्य रात्रि को करीब डेढ़ बजे ही आ गया। लेकिन अपने चहेतों को पहले भरपूर खाद की सप्लाई मिले, तो ओरो को बांटे। पर जब एक अनार सौ बीमार वाली कहानी चरितार्थ हो जाए, खाद से भरा ट्रक पुलिस थाने के बाहर खड़ा हो और किसी को खाद नहीं मिले तो अंगूर खट्टे वाली कहानी चरितार्थ हो सकती हैं। लेकिन दिनभर धक्के-मुक्की और ऊपर से पुलिस के डंडे खाने के बाद भी बैरंग लौटना पड़े तो, ये सरकार की कौनसी कानून व्यवस्था है, इसका अंदाजा लगाया जाना थोड़ा मुश्किल है। 

बनेठा में शनिवार को किसानों ने खुलेआम बनेठा पुलिस पर अपने चहेतों को लाभ दिलाने का आरोप लगाया, दूसरी ओर कई बुजुर्ग महिला-पुरूष किसानों का गुस्सा व दर्द भरी पीड़ा भी देखने को मिली, तो गुस्से में आकर स्वयं बनेठा थानाधिकारी व एएसआई सहित समूचा स्टॉफ बेकसूर किसानों पर गिध्द की तरह टूट पड़ना कौनसे कानून में लिखा है? बाद में किसानों की भीड़ कम होने पर बनेठा पुलिस ने खाद विक्रेता से शनिवार दोपहर बाद किसानों को खाद के टोकन बंटवाकर पुलिस की मौजूदगी में शाम तक खाद का वितरण करवाया, जिसमें भी कई अनियमितताएं देखने को मिली, जहां चहेते किसानों को 10-10 कट्टों के टोकन देने का मामला भी सामने आया है।