टोंक इन्वेस्ट समिट-2022 में हुए 623 करोड़ के 52 एमओयू और एलओआई, 11हजार लोगो को मिलेगाा रोजगार

- औद्योगिक विकास के नए आयाम होंगे स्थापित,रोजगार के अवसरों के द्वार खुलेंगे : शाले मोहम्मद, अल्पसंख्यक मामलात एवं जिला प्रभारी मंत्री 
 
टोंक इन्वेस्ट समिट में हुए 623 करोड़ के 52 एमओयू और एलओआई, 11हजार लोगो को मिलेगाा रोजगार

टोंक,(शिवराज मीना)। राज्य के अल्पसंख्यक मामलात, वक्फ, उपनिवेशन, कृषि सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता विभाग व जिला प्रभारी मंत्री शाले मोहम्मद ने गुरूवार को टोंक इन्वेस्ट समिट 2022 के जिला स्तरीय कार्यक्रम में कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में प्रदेश में औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित हुए है। राज्य सरकार की नीति और योजनाबद्ध विकास से टोंक जिले में उद्यम एवं रोजगार के अवसरों के द्वार खुलेंगे।

जिला प्रभारी मंत्री राजस्थान इन्वेस्ट समिट के अन्तर्गत गुरूवार को जिला मुख्यालय के कृषि ऑडिटोरियम में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम टोंक इन्वेस्ट समिट में मुख्य अतिथि के पद से सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समिट में 623 करोड़ रूपये के 52 एमओयू एवं एलओआई किए गए है, जो टोंक जिले के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। इस निवेश से जिले के लगभग 11 हजार 300 लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इसके अतिरिक्त कई लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इस दौरान प्रभारी मंत्री द्वारा दो-दो इकाईयों का वर्चुअल शिलान्यास एवं उद्घाटन किया गया।

 इस मौके पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान इन्वेस्ट समिट का आयोजन सभी जिलों में हो रहा है। इससे राज्य में 550 लाख करोड़ का निवेश आने की संभावना है। निवेश की प्रक्रिया से जुड़े लगभग 15 विभागों की सुविधाओं का लाभ उद्यमी को एक ही छत के नीचे मिले ऐसा माहौल पूरे प्रदेश में बनाया गया है। सरकार की योजनाओं का लाभ उद्यमियों को मिले, इसलिए योजनाओं का सरलीकरण किया गया है। जिससे उद्यमियों को उद्योग लगाने में किसी असुविधा का सामना न करना पडे। टोंक जिला प्रभारी मंत्री शाले मोहम्मद ने कहा कि टोंक सतही जल एवं खाद्य तेल उत्पादन में विकसित है। यहां के लोगों में हुनर की कमी नहीं है, बस लोगों को जागरूक व दिशा देने की जरूरत है। इसमें राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन कोई कसर बाकी नहीं रखेगा। 

टोंक में स्लेट स्टोन टाइल्स, सिलिका प्रोसेसिंग, एग्रोफूड प्रोसेसिंग, ग्रेनाइट, मिनरल सेक्टर, वेयर हाउस, सॉल्वेंट एवं ऑयल प्लांट, ऊनी नमदे, कालीन, दरी, कसीदे का काम में विकास की अपार संभावनाएं है। जिला प्रभारी मंत्री होने के नाते उनका हमेशा यही प्रयास रहेगा की टोंक के विकास में बेहतर काम हों। कार्यक्रम के दौरान उद्योग मंत्री श्रीमती शकुंतला रावत ने वर्चुअल माध्यम से संबोधन किया और कहा कि मुख्यमंत्री लघु प्रोत्साहन योजना, रिप्स योजना, वन स्टॉप शॉप आदि योजनाओं के रूप में प्रदेश के मुख्यमंत्री का विजन है कि राज्य में ज्यादा से ज्यादा उद्यमी निवेश कर उद्योग स्थापित करें और उन्हें सरकार की सभी प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ मिले। उद्योग मंत्री ने सभी उद्यमियों को आश्वस्त किया की उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा औद्योगिक विकास की दिशा में वन स्टॉप शॉप की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में निवाई-पीपलू विधायक प्रशांत बैरवा ने कहा कि जिला स्तर पर इन्वेस्ट समिट का आयोजन राज्य सरकार का सराहनीय प्रयास है। राज्य सरकार की ओर से औद्योगिक  विकास के लिए बनाई गई नीतियों एवं योजनाओं का उद्यमियों को जिले में ज्यादा से ज्यादा निवेश कर लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने निवाई-पीपलू विधानसभा क्षेत्र में समिट के दौरान सबसे अधिक निवेश आने  पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि उद्यमियों को निवेश के लिए बेहतर माहौल मिले इसके लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है।

राजस्थान फाउंडेशन के चौयरमेन धीरज श्रीवास्तव ने निवेशकों को अभिनन्दन किया और कहा कि राज्य सरकार एवं राजस्थान फाउंडेशन उद्यमियों के साथ हमेशा खडा है। उन्होंने वर्चुअल सम्बोधन देते हुए समिट की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी। समिट में जिले में निवेश संभावनाओं पर पीपीटी एवं लघु फिल्म के माध्यम से निवेशकों को टोंक जिले में निवेश की संभावनाओं के बारे में बताया गया। साथ ही अतिथियों द्वारा टोेंक इन्वेस्ट समिट प्रेशर का विमोचन किया गया।

समिट में जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल, अतिरिक्त जिला कलेक्टर मुरारी लाल शर्मा, उपखण्ड अधिकारी टोंक गिरधर, उद्योग एवं वाणिज्य मुुख्यालय जयपुर के अतिरिक्त निदेशक विपुल जानी, रीको की सलाहकार बिन्दु करूणाकर, रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक एल.सी.मैधानी, रीको के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक कमल कुमार मीना, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक शैलेन्द्र शर्मा एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी सहित जिले के उद्योग संघो के पदाधिकारी एवं उद्यमी उपस्थित रहे।