राजस्थान में अगले महीने हो सकता है सत्ता-संगठन में बदलाव, गहलोत के दिल्ली जाकर अपनी बात रखने के बाद फैसला करेगा हाईकमान

 
राजस्थान में अगले महीने हो सकता है सत्ता-संगठन में बदलाव

जयपुर। कांग्रेस हाईकमान राजस्थान में चल रही अशोक गहलोत और सचिन पायलेट समर्थकों की खींचतान दूर करने के लिए सरकार और संगठन में बदलावों पर फोकस करने वाला है। मंत्रिमंडल फेरबदल से लेकर संगठन और सरकार के स्तर पर बड़े पैमाने पर अक्टूंबर महीने से नियुक्तियों की शुरुआत हो सकती है।

आमजन को संदेश देने के लिए कांग्रेस हाईकमान सभी मंत्रियों से इस्तीफे लेकर नए सिरे से मंत्रिमंडल गठन को कह सकता है। इससे मंत्री पद से हटाने और शामिल करने से जुड़े विवाद भी कम हो सकते हैं। इससे पार्टी के अंदरुनी सियासी समीकरण भी सधेंगे। जिन मंत्रियों की प्रफोर्मेंस अच्छी नही है उन्हें आसानी से हटाया जा सकता है और वे लॉबिंग भी नहीं कर पायेगें। आगामी 2023 चुनावों के हिसाब से सभी सियासी समीकरण बिठाने का कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी आमूलचूल बदलाव चाहते हैं, ताकि चुनावों से पहले सरकार और संगठन में उर्जावान टीम तैयार हो सके।

राजस्थान के बदलावों पर अक्टूबर में शुरुआत तय मानी जा रही है। अभी दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है, लेकिन हाईकमान के स्तर पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। गहलोत मंत्रिमंडल के फेरबदल या विस्तार के साथ संगठन में रिक्त पड़े जिला और ब्लॉक अध्यक्षों पदों पर नियुक्तियां देकर भरा जाना है। इस पर अक्टूबर में ही निर्णय करने की तैयारी है।

सचिन पायलट खेमे के विधायकों को भी मंत्रिमंडल में शामिल करना है। पिछले साल बगावत के बाद सचिन पायलट को उप मुख्यमंत्री पद से और उनके दो समर्थकों रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह को कैबिनेट मंत्री पद से हटा दिया गया था। पायलट अब चार से ज्यादा मंत्री पद मांग रहे हैं।

मंत्रिमंडल फेरबदल में नए चेहरों को मौका देने के फॉर्मूले पर भी चर्चा हो रही है। मंत्रिमंडल फेरबदल आजमाया हुआ पैटर्न है। इस फार्मले में हटाए जाने वाले मंत्रियों से इस्तीफे लेकर उनकी जगह दूसरे विधायकों को जगह दी जा सकती है। हर कार्यकाल में ऐसा होता रहा है। गहलोत मंत्रिपरिषद में अभी सीएम सहित 21 मंत्री हैं, 9 मंत्री और बनाए जा सकते हैं। एक फॉर्मूला यह भी है कि किसी को नहीं हटाकर खाली जगहों पर नए मंत्री बना दिए जाएं। सूत्रों ने बताया कि सीएम अशोक गहलोत इस तीसरे फार्मूले को ज्यादा तवज़्ज़ो दे रहे हैं, लेकिन इसमें राहुल गांधी तैयार नहीं होंगे।

राजस्थान के बदलावों में मंत्रिमंडल फेरबदल के साथ सचिन पायलट को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। सचिन पायलट दो बार राहुल गांधी से मुलाकात कर चुके हैं। पायलट को राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस में पद दिए जाने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन उस पर अभी मोहर लगना बाकी है। सचिन पायलट के साथ उनके समर्थक नेताओं को भी सत्ता और संगठन में भागीदारी पर फैसला हेाना है। सचिन पायलट ने हाईकमान के सामने मांग रखी है कि पहले उनके समर्थकों को सरकार और संगठन में जगह दी जाए, उसके बाद ही उन्हें कोई जिम्मेदारी देना राजनीतिक रूप से सही रहेगा।

सीएम गहलोत अक्टूबर के पहले सप्ताह में कभी भी दिल्ली दौरे पर जा सकते हैं। गहलोत के दिल्ली जाकर हाईकमान से मिलते ही बदलाव के फॅार्मूले को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। कांग्रेस अध्यक्ष से समय तय होते ही मुख्यमंत्री गहलोत दिल्ली जाएंगे। सियासी हलकों में इसे लेकर सबकी निगाहें टिकी हैं।