श्रीसम्मेद शिखर भव्य यात्रा बूंदी से होगी रवाना,11 नवंबर को गोपालन मंत्री भाया व पूर्व मंत्री शर्मा दिखाएंगे हरी झंडी

 - यात्रा में करीब 1500 यात्रियों का संघ होगा शामिल
 
 भव्य यात्रा 11 नवंबर को बूंदी से होगी रवाना

बूंदी। सीलोर श्रीआदिनाथ दिंगबर जैन शिलोदय अतिशय तीर्थ समिति एवं नैनवां श्रीपार्श्वनाथ सेवा समिति की ओर से शाश्वत तीर्थराज श्री सम्मेद शिखर जी की भव्य यात्रा बूंदी से 11 नवंबर को रवाना होगी। यात्रा की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। यह राजस्थान में पहला अवसर होगा, जब इतनी बड़ी संख्या में यात्री संघ विशेष रेल से श्री सम्मेद शिखर के लिए रवाना होगा। इससे 200 वर्ष पहले अजमेर के सेठ भागचंद सोनी बैल और उंट गाडियों से यह यात्रा लेकर गए थे। आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम पूज्य शिष्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री 108 सुधा सागर महाराज की पावन प्रेरणा और आर्शीवाद से प्रथम यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा बूंदी से स्पेशल टेªन श्री सुधासागर शिलोदय एक्सप्रेस से बूंदी के रेल्वे स्टेशन से 11 नवंबर को दोपहर 12.30 बजे प्रस्थान करेगी।

पत्रकारों को आयोजन की जानकारी देते हुए अतिशय क्षेत्र के अध्यक्ष टीकम जैन, यात्रा संयोजक व सहायक निर्देशक महेन्द्र कुमार जैन हरसोरा, खण्डेलवाल सरावगी समाज अध्यक्ष रवीन्द्र काला व मंत्री सुनील जैन, सदस्य नरेन्द्र जैन ने बताया कि यात्रा को खनन गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया, अशोक पाटनी, पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा व शहर के गणमान्य नागरिक हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यात्रा रवाना होने से पहले बूंदी के रेल्वे स्टेशन स्थित सामुदायिक भवन घूमर में अतिथियों के स्वागत का कार्यक्रम होगा। यात्रा में करीब 1500 यात्रियों का संघ शामिल होगा। यात्रा का खण्डेलवाल सरावगी समाज, जैन यूथ क्लब, आढतिया संघ, बघेरवाल संघ आदि की ओर से स्वागत किया जाएगा। यात्रियों के संघ को रवाना होने से पहले अल्पाहार और भोजन की व्यवस्था रहेगी। यात्रा के दौरान भोजन और नाश्ता देशी घी में बनेगा।

अतिशय क्षेत्र के शीघ्र विकास के लिए करेंगे श्रीफल भेंट  
आचार्य श्री सुधासागर महाराज ने कहा कि इस भव्य यात्रा संघ में शामिल सभी यात्री तीर्थराज श्री सम्मेद शिखर में सीलोर स्थित शिलोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र के शीघ्र विकास के लिए श्रीफल भेंट करें। यात्रा में शामिल एक-एक यात्री के श्रीफल भेंट करने से क्षेत्र का शीघ्र विकास होगा।

27 किलोमीटर की होगी चढ़ाई
यात्रा के आयोजकों ने बताया कि यात्रा 12 नवंबर को दोपहर 12 बजे श्री सम्मेद शिखर की तलहटी में पहुंच जाएगी। यहां विश्राम के बाद रात्रि को सामूहिक रूप से रवाना होकर 27 किलोमीटर की पहाडी पर चढाई शुरू करेंगे। इस दौरान सभी यात्री नए परिधानों में होंगे। बुजुर्गों एवं पहाडी पर चढाई में असक्षम लोगों के लिए डोलियों की सुविधा रहेगी। इसके अलावा चिकित्सा सुविधा का इंतजाम भी किया गया है। तीर्थ क्षेत्र पहुंचने पर सामूहिक वंदना की जाएगी।

कोविड-19 के नियमांे के साथ होगी यात्रा
आयोजकांे ने बताया कि यात्रा के दौरान राज्य सरकार द्वारा निर्धारित कोविड-19 गाइड लाइन की पूर्ण रूप से पालना सुनिचित की जाएगी। यात्रा के लिए जा रही स्पेशल ट्रेन में चिकित्सा टीम हर प्रकार की दवाईयों के विशेष किट सहित शामिल रहेगी। साथ ही बूंदी के करीब आधा दर्जन चिकित्सक टेलिमेडीसिन सेवा के माध्यम से यात्रा जुडे़ रहेंगे। जिनसे 24 घंटे किसी भी बीमारी को लेकर सलाह ली जा सकेगी।

तीर्थ क्षेत्र का परिचय
जैन धर्म का सबसे बड़ा तीर्थ झारखंड में स्थित सम्मेद शिखर पर्वतीय क्षेत्र को माना जाता है। जिस तरह हिंदू धर्म में चार धाम की तीर्थ यात्रा को महत्व दिया गया है उसी तरह जैन धर्म में सम्मेद शिखर तीर्थ का महत्व है।  

झारखंड का हिमालय कहे जाने वाले गिरीडिह जिले में पारसनाथ पर्वत पर जैनियों का पवित्र तीर्थ शिखरजी स्थापित है। इस पुण्य क्षेत्र में जैन धर्म के तीर्थंकरों ने मोक्ष की प्राप्ति की। यहां पर 23 वें तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ ने भी निर्वाण प्राप्त किया था। पवित्र पर्वत के शिखर तक श्रद्घालु पैदल या डोली से जाते हैं।

यात्रा के लिए विशेष रेल
यात्रा के लिए विशेष रेल की व्यवस्था में कोटा बूंदी सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम कृष्ण बिरला व रेल्वे के एडीआरएम मनोज कुमार जैन का विशेष सहयोग रहा है।