सैनिक सम्मान समारोह में दिखा देशभक्ति का जज्बा,101 सैनिकों का अभिनन्दन

1971 के युद्ध में इंदिरा गांधी ने विश्व का भूगोल बदला- हरिमोहन शर्मा
 
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बूंदी। भारतीय स्वतंत्रता के 75 वर्ष व भारत-पाकिस्तान युद्ध के साथ बांग्लादेश निर्माण के 50 वे वर्ष पर शनिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जयंती पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष हरिमोहन शर्मा की पहल पर ग्राण्ड परमेश्वरी होटल में कांग्रेस की ओर से सैनिक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में  देश के लिये सीमा पर लड़ने वाले 101 सैनिकों व वीरांगनाओं का स्मृति चिन्ह भेंट के साथ माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया।देश के लिये युद्ध में शहीदो की धर्मपत्नी वीरांगनाओ  का भी शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया।

101सैनिको व वीरांगनाओं का सम्मान किया

अनुकरणीय है सैनिकों का बलिदान
समारोह को संबोधित करते हुए राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री हरिमोहन शर्मा ने कहा कि देश की सुरक्षा में सैनिकों का त्याग तपस्या और बलिदान अनुकरणीय है।उन्होंने कहा कि 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जिस दृढ़ता के साथ पाकिस्तान के दो टुकड़े करते हुये विश्व का भूगोल बदला वह अपने आप में अदम्य साहस का उदाहरण है। उन्होंने  सैनिकों की मांग पर बूंदी जिले के शहीद सैनिकों की याद में जिला मुख्यालय पर नगर परिषद की ओर से सवा करोड रुपये की राशि से शहीद स्मारक बनवाने की भी घोषणा की। कार्यक्रम में सैनिक संस्था के अध्यक्ष कैलाश मीणा, 1965 के शहीद रघुनाथ मीणा की धर्मपत्नी वीरांगना  सौसर बाई,अरबन बैंक के अध्यक्ष सत्येश शर्मा,बूंदी नगर परिषद की सभापति मधु नुवाल, उपसभापति लटूर भाई,कांग्रेस आयोजन समिति के संभागीय संयोजक राकेश बोयत, जिला संयोजक महावीर मीणा, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष चर्मेश शर्मा, बूंदी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चेतराम मीणा व तालेड़ा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जगरूप सिंह रंधावा मंचासीन रहे। महिला पार्षद ममता शर्मा, स्वाति सोनी,बेबी तरन्नुम,कस्तूरा बाई, समाजसेवी जय श्री लखोटिया ने सभी सैनिकों को रक्षा सूत्र बांधकर तिलक लगाकर स्वागत किया।

फूलों का सेज नहीं है सैनिकों का जीवन
समारोह की अध्यक्षता करते हुये सैनिक संस्था गौरव सैनानी कल्याण समिति के अध्यक्ष कैलाश मीणा ने कहा कि सैनिकों का जीवन फूलों की सेज नहीं है। उन्होंने कहा कि सैनिक हमेशा देश व देशवासियों की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने को तैयार रहता है।मीणा ने कुछ दिनों पूर्व बर्फ में मिले 15 साल पुराने भारतीय सैनिक के शव का उदाहरण देते हुये कहा कि ऐसी स्थिति के लिए सेना के जवान मानसिक रुप से हमेशा तैयार रहते हैं। उन्होंने बूंदी जिले के शहीद सैनिकों की याद में शहीद स्मारक के निर्माण की भी मांग उठायी।

वर्दी में पदकों के साथ पहुंचे

वर्दी में पदकों के साथ पहुंचे
सम्मान समारोह में जिले भर से आये भूतपूर्व सैनिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक जिले के दूरदराज क्षेत्र से अपनी वर्दी में देश की सेवा के दौरान मिले पदको के साथ पहुंचे। उन्होंने सम्मान के दौरान भी भारत माता को सैल्यूट के साथ अनुशासन की अद्भुत मिसाल पेश की। समारोह में वीरांगना कमलादेवी, इंद्रकवर,  शैतानसिंह मीणा, शोजीलाल मीणा, गोकुलराम मीणा, बालूराम मीणा, श्योराजसिंह मीणा, पांचूलाल मीणा, देवलाल फौजी, ओमप्रकाश फौजी, दिलीप सिंह रंधावा सहित 101सैनिको व वीरांगनाओं का सम्मान किया गया।  

देशभक्ति गीतों के साथ निकाला जुलूस
कुंभा स्टेडियम रैन बसेरे से समारोह में आए सभी सैनिकों को बैंड बाजों को देशभक्ति गीतों के साथ सम्मान समारोह स्थल तक ले जाया गया। पूरे रास्ते सैनिकों का पुष्प वृष्टि के साथ स्वागत किया गया। समारोह में आये सैनिकों का पूर्व प्रधान भगवान नुवाल, सुदामा सेवा संस्थान के उपाध्यक्ष गिरधर शर्मा, पार्षद टीकम जैन, मोइनुद्दीन फॉरवर्ड, शैलेश सोनी, सेवादल के प्रदेश सचिव राजकुमार सैनी, विकास शर्मा पूर्व जिला मुख्य संगठक गोपाल दाधीच, हारून खान, सरफुद्दीन जमीतपुरा, उपप्रधान रामहेत बैरवा, शंकरलाल बैरवा बृजमोहन यादव, राधेश्याम मेहरा आदि ने स्वागत किया।