उपकरागार गंगापुर सिटी में बंदियो के लिए ना डिस्पेंसरी, एम्बुलेंस, कैंटीन, नाही सफ़ाई कर्मचारी- आरटीआई से हुआ खुलासा

 
उपकरागार गंगापुर सिटी

टोंक/सवाईमाधोपुर,(शिवराज मीना)। सवाई माधोपुर जिले की गंगापुर सिटी स्थित उप करागार (पूर्व जिला जेल) में आरटीआई के खुलासे के बाद कई अनियमित्ताए सामने आई हैं।
जानकारी के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट के एडवोकेट और हिंदुस्तान शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह तोमर (राजा भईया) ने आरटीआई के माध्यम से सूचना हासिल कर कई बड़े खुलासे किए हैं।

जिसमें सवाईमाधोपुर जिले की उप कारागृह के उप कारापाल द्वारा सूचना का अधिकर अधिनियम के तहत दी गईं सूचना में उन्होंने खुद बताया है कि इस उप करागार में एक महिला बंदी बैरक व छह पुरुष बंदी बैरक हैं, पर महिला बंदी को रखने की व्यवस्था नहीं है। जेल में चौदह शौचालय है, पर एक पर भी सरकारी सफ़ाई कर्मचारी नियुक्त नहीं है। जेल में तिहत्तर बंदी रखने की छमता है, पर सुरक्षा के लिए मात्र एक महिला प्रहरी दस पुरुष प्रहरी और तीन मुख्य प्रहरी यानी कुल चौदह प्रहरी नियुक्त है। केवल दो स्नानघर है बंदियो के उपचार के लिए एक अंशकालीन डोक्टर तो है परंतु जेल में डिस्पेंसरी व एम्बुलेंस नहीं है, कारागार में बंदियो के लिए केन्टिल व एसटीड़ी सुविधा भी नहीं है। हर महीने जेल का सम्बंधित अधिकारियों द्वारा निरीक्षण भी नहीं किया जाता।

जेल में बंदी वेलफ़ेयर कमेटी भी नहीं है, एक बंदी की प्रतिदिन डाइट के लिए बत्तीस रुपए इक्यानबे पैसे ही निर्धारित है, नये उप कारागार भवन के निर्माण हेतु ग्राम डिबस्या में भूमि आवंटित के साथ-साथ जेल मुख्यालय द्वारा नई जेल की बाउंड्री बाल और गेट बनाने हेतु एक सौ सत्रह लाख रुपए सार्वजनिक निर्माण विभाग को बजट स्वीकृत किया जा चुका है। परंतु अभी तक कार्य प्रारम्भ करना तो दूर की बात निविदा प्रकाशित की कार्यवाही चल रही है। वहीं एडवोकेट राजेन्द्र सिंह राजा भईया ने बताया कि इतनी सारी अनियमितताये इस जेल में होने के साथ साथ जेल में बंदियो के मानव और मौलिक आधिकारों का भी हनन हो रहा है। इसके साथ ही उनके क़ानूनी अधिकारों का भी हनन हो रहा है।

बंदियो के लिए जेल में बंदी वेलफ़ेयर कमेटी, डिस्पेंसरी, एंबुलेंस, कैंटीन, एसटीडी, शौचालय की सफ़ाई के लिए सरकारी कर्मचारी ना होना, महिला बंदी बैरक होने के बावजूद भी महिला बंदियो के लिए रहने की व्यवस्था ना होना, पर्याप्त सुरक्षाकर्मी ना होना, नियमानुसार हर माह संबंधित अधिकारियों द्वारा जेल का निरीक्षण ना किया जाना, जेल में बंद बंदियो के समवैधानिक और क़ानूनी अधिकारों का हनन है व ग़ैर क़ानूनी कार्य है। इसके लिए स्वयं पहल करते हुए वो खुद जल्द ही राज्य के मुख्यमंत्री, मुख्य न्यायाधीश, अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग, जेल ड़ीजी व ज़िला कलेक्टर महोदय को शिकायत पत्र लिखकर इस बाबत कार्यवाही करवाने की माँग करेंगे। इससे पहले भी राजेन्द्रसिंह राजा भईया ने जिला जेल सवाई माधोपुर, जिला जेल टोंक व प्रदेश की अन्य कई जेलों व बंदियों की समस्याओं के लिए आवाज़ उठाकर कार्यवाही करवा चुके है। जिसका सीधा सीधा लाभ जेल में बंद बंदियो को मिल रहा है।