सवाई माधोपुर: मौत के 65 दिन बाद भी सुसाइड नोट में लिखे नामों पर कार्यवाही के लिए चक्कर काट रही मृतक की माँ-बहिन

- गहलोत के राज में इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही है मां-बहन 
 
मौत के 65 दिन बाद भी सुसाइड नोट में लिखे नामों पर कार्यवाही के लिए चक्कर काट रही मृतक की माँ-बहिन

सवाई माधोपुर,(राकेश चौधरी/भवानी शंकर राव)। जिले के मित्रपुरा तहसील क्षेत्र के नानतोडी गांव में 2 महीने पूर्व फांसी के फंदे से लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त करने वाले युवक की मां और बहिन न्याय के लिए दर दर भटक रही है। जानकारी के अनुसार मृतक हरिशंकर बैरवा 27 अक्टूबर बुधवार की रात को अपने ही कमरे में फांसी का फंदा लगाकर जीवन लीला समाप्त कर की थी,जिसका पता गुरुवार सुबह मृतक की माँ ने जब चाय पीने के लिए दरवाजा खट खटाया तब खुला नही तो जाली तोड़ कर देखने के बाद पता चला था। 

65 दिन बाद भी कोई कार्यवाही नही 
मृतक की माँ राजन्ती देवी ने बताया कि मेरे बेटे के दाह संस्कार के बाद हमने कपड़े खंगाले तो उसमें दो कागज निकले दोनों पुलिस को दे दिए थे,उसके बाद पुलिस ने जल्दी कार्यवाही का आश्वासन भी दिया था लेकिन 65 दिन बीत जाने के बाद भी कुछ नही हुआ,कार्रवाई के लिए में बौंली थाने में एसडीएम कार्यालय में भी चक्कर लगाकर आ गयी लेकिन आज तक कार्यवाही के नाम से कुछ नही हुआ ओर न ही आत्महत्या के लिए विवश करने वालो के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाने के लिए चक्कर लगा रही हूँ लेकिन प्राथमिकी दर्ज नही हो रही है । 

मरने से पहले हुआ था झगड़ा 
मृतक की माँ राजन्ती देवी ने बताया कि मेरे बेटे ने फांसी लगायी थी,उससे कुछ दिन पहले कुछ लड़कों ने मारपीट भी की थी लेकिन उनको में नही जानती ओर झगड़े की वजह से वो हमारे से भी बोलचाल कम था । उसके साथ कुछ लड़को ने मारपीट भी की थी । 

सुसाइड नोट में गैंग के सदस्य 
मृतक हरिशंकर बैरवा ने मरने से पहले दो सुसाइड नोट लिख कर छोड़े थे जिसमें एक पत्र में अपनी प्रेमिका के लिए शायरियां लिखी थी तो दूसरे पत्र में अपनी मौत के जिम्मेदार 4 युवकों को ठहराया था,जिनका नाम लिखकर अपनी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया है,हालांकि जिम्मेदारी के लिए कारणों का लेकर कुछ नही लिखा है ।वही जिन लोगो के नाम सुसाइड नोट में लिखे गये है ये क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं को भी अंजाम दे रखे है । छोटी छोटी गैंग बनाकर आपस मे झगडा करते है।

कॉल करके धमकाते थे 
मृतक की माँ और बहिन ने बताया कि हरिशंकर की मौत के बाद से 9799793870 इस नम्बर से लगातार हमें धमकाया जा रहा था और मारने की धमकी देते थे कि हरिशंकर का कैस वापस ले लो नही तो तुम्हे भी जिंदा नही छोड़ेंगे जिसके बाद नम्बर को लेकर के मित्रपुरा चौकी प्रभारी को बताया गया। पुलिस ने जल्द युवक को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। लेकिन आज तक भी कोई कार्यवाही नहीं होने से मज़बूरी में हमे नम्बर ही बदलना पडा।