सीमा पर गोली खाने को सैनिक मतवाले बैठे हैं..... सवाई माधोपुर अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन में भोर तक जमें श्रोता

 
Soldiers are sitting on the border to eat bullets.  Audience gathered till dawn in Sawai Madhopur All India Virat Kavi Sammelan

सवाई माधोपुर/मित्रपुरा,(राकेश चौधरी)। उपखंड मुख्यालय बौंली पर विगत रात अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन (All India Virat Kavi Sammelan) का आयोजन क्लब मैदान खेड़ापति हनुमान मंदिर (Club Ground Khedapati Hanuman Mandir) पर किया गया। उड़ान सेवा संस्थान के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में देश के ख्याति प्राप्त कवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम संयोजक केदार लाल मीणा ने बताया कि कार्यक्रम में देश के ख्याति प्राप्त कवियों ने हास्य व्यंग्य श्रंगार रस व देशभक्ति की कविताओं से वर्तमान परिपेक्ष पर तीखे कटाक्ष किए। 

Soldiers are sitting on the border to eat bullets.  Audience gathered till dawn in Sawai Madhopur All India Virat Kavi Sammelan

कार्यक्रम का आगाज प्रधान कृष्ण पोसवाल, चेयरमैन कमलेश जोशी, भाजपा नेता हनुमत दीक्षित, हरकेश जाहिरा, समाजसेवी ओम प्रकाश जोशी सहित कई गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। साथ ही आगरा से आई कवियत्री चेतना शर्मा ने सरस्वती वंदना की।

कवि प्रदीप वर्मा ने हम डरते नहीं दुष्कर्मी अत्याचारीयों के हथकंडे से सुनाकर बेटियों की दुर्दशा पर मार्मिक कविता पाठ किया।आशीष मित्तल ने कहीं मजदूर कहीं गरीब कहीं धन वाले बैठे हैं सीमा पर गोली खाने को सैनिक मतवाले बैठे हैं,व गला काट दो मेरा लेकिन गौमाता को मत काटो जैसी वीर रस की कविताएं सुनाकर श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। लाफ्टर फेम शाहपुरा भीलवाड़ा से आए दिनेश बंटी ने एक नेता को गुड से तोला तो गुड बोला यह दूसरे पलड़े में किसको दे रहे हो सुनाकर वर्तमान राजनीति पर व्यंग्य किया।

रायबरेली यूपी से आई कोमल नाजुक व मंच संचालन कर रहे राजेंद्र पवार की तीखी नोकझोंक ने श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया। कोमल नाजुक ने मां तेरे होने से एहसास मुझे होता है सुना कर जमकर वाहवाही लूटी।

सांगोद कोटा से आए वीर रस के कवि सैनिक को कहां फुर्सत की वो कुछ लिख पाता चिट्ठी पर मरते-मरते वंदे मातरम लिख गया था मिट्टी पर सुना कर सैनिकों के दर्द का मार्मिक प्रस्तुतीकरण किया। 

बूंदी से आए अंदाज हाडोती ने जे बुरो न मानू थारो सुना कर श्रोताओं को वंसमोर कहने पर मजबूर कर दिया। हाथरस उत्तर प्रदेश के कवि सबरस मुरसानी ने स्वार्थ को जो भी जीते हैं उनकी भी क्या जिंदगानी है सहित कई हास्य व्यंग की कविताएं सुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाया।

वरिष्ठ कवि गंगापुर से आए गोपीनाथ चर्चित ने गरीबी मिटाने का उपाय बताओ मैंने कहा भ्रष्ट नेताओं को मार भगाओ सुनाकर राजनीति पर कटाक्ष किया साथ ही हास्य चंद सुनाकर श्रोताओं को जमकर गुदगुदाया। आगरा से आई कवियत्री चेतना शर्मा ने यमुना में हम नहाए गंगा में हम नहाए मित्र करे पूजा माथे तिलक लगाए सहित श्रृंगार रस के कई मुक्तक सुनाएं साथ ही अमर तिरंगा कविता सुनाकर देशभक्ति का संचार किया।

संचालक कवि राजेंद्र पवार ने शहीद की चिट्ठी कविता सुना कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। भाजपा नेता एवं भामाशाह केदार लाल मीणा संस्थान के अध्यक्ष महेश मित्तल ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन कवि आशीष मित्तल ने किया।