सवाई माधोपुर बाल संरक्षण यात्रा पहुंची गांव दतुली, सरकार की कई योजनाओं के आवेदन कराये तैयार

-पिता की मौत से लाचार पेट के खातिर बालश्रम को मजबूर मासूम
-सांप-सीढी खेल के माध्यम से बच्चों ने जाना अपना अधिकार
-16 सामाजिक सुरक्षा योजनाओ के आवेदन कराये तैयार 
 
Sawai Madhopur Child Protection Yatra reached village Datuli, got ready to apply for many schemes of the government

सवाई माधोपुर, (राकेश चौधरी)। मित्रपुरा कस्बे के नज़दीकी गाँव दतुली में राज्य सरकार की ओर बाल अधिकारिता विभाग यूनिसेफ एवं पी सीसीआरसीएस के संयुक्त तत्वाधान में चलाए जा रहे बाल संरक्षण संकल्प यात्रा में अशिक्षा के चलते पात्र होते हुवे भी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है आर्थिक तंगी के चलते पेट के खातीर मजबूर बालश्रम की दास्तान दतुली ग्राम भ्रमण के दौरान सामाने आया। यात्रा के बाल मित्र सहारा दे रहे है।

ग्राम पंचायत दातुली मे ब्लड कैंसर से पति खो चुकी गदोडी देवी ने अपना दर्द सांझा करते हुए बताती हैं। मेहनत मजदूरी करके जैसे-तैसे घर का चूल्हा चलता था बीमारी ने कंगाल बना दिया, अब हालत यह है कि 16 साल के नाबालिग बेटे को पेट की खातिर जयपुर में काम करने भेजना पड़ा। अशिक्षा के चलते पेंशन और पालनहार का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बालमित्रो ने विधवा पेंशन के आवेदन ऑन लाईन कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की।

वही ग्राम पंचायत सरपंच हंसराज मीणा की अध्यक्षता में यात्रा दल के साथ बैठक आयोजित की गई जिसमें वार्ड पंच, ओमप्रकाष योगी, आंगनवाडी कार्यकर्ता, हंसा देवी मीणा, ललिता शर्मा सहित पंचायत सदस्यों ने भाग लिया। निष्क्रिय पडी बच्चों के अधिकार के लिए ग्राम स्तरीय बाल संरक्षण समिति का पूनर्गठन कर उपस्थित सदस्यों का क्षमतावर्धन कर समिति में दो बाल प्रतिनिधि को सम्मिलित किया गया।

यात्रा समन्वयक द्वारा समिति के अधिकार व कार्य के बारे में विधिवत जानकारी दी गई। साथ ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में सात संकल्पों पर आधारित नवाचारों सहित कई कार्यक्रय किये गये। विद्यालय के बच्चों के साथ बाल मित्रों ने जहा बाल शिवर  लगाकर बाल अधिकारों के प्रति जानकारी दी गई तो वही सांप सीढी शिक्षाप्रद खेल के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा के बताये गए।

योजनाओं का प्रचार-प्रसार करता बांस पर चलने वाला कलाकार द्वारा ग्रामीणों को अनोखे अंदाज में बाल विवाह, बालश्रम, बाल तस्करी के विरूद्व संदेश दिया गया। बाल मित्रों द्वारा घर घर दस्तक के दौरान 16 आवेदन तैयार कराये। इस दौरान ग्रामीण अपनी समस्याएं बाल मित्रों से खुलकर साझा करने लगे हेै। इस दौरान यात्रा समन्वयक कैलाष सैनी, सीताराम गुर्जर, सोना बैरवा, जितेन्द्र सिंह, सफिस्ता खान, राकेष वर्मा, धर्मेन्द्र यादव उपस्थित रहे।