सवाई माधोपुर 12 वर्ष बाद कोर्ट ने CI फूल मोहम्मद हत्याकांड में CO सिटी समेत 30 दोषी, थानेदार सहित 49 निर्दाेष

- मामले में सजा शुक्रवार को सुनायी जायेगी, जिस पर लोगो कि निगाहें टिकी है।
 
Sawai Madhopur: After 12 years, the court acquitted 30 including CO City, 49 including SHO in CI Phool Mohammad murder case
 - डीएसपी महेंद्र सिंह ने जेल ले जाते समय मीडिया से कहा कि वे न्यायपालिका का सम्मान करते हैं, लेकिन इसमें पीएफआई की जीत हुई है। जिसकी वह कोर्ट में अपील करेंगे, 'सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं।

सवाई माधोपुर, (राकेश चौधरी)।  जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूरी  पर सूरवाल गांव में 17 मार्च 2011 को (On March 17, 2011 at Surwal village at a distance of 8 kilometers) यानी करीब 12 वर्ष पूर्व भीड़ ने घेरा बंदी कर पेट्रोल छिड़क कर तत्कालीन सीआई फुल मोहम्मद को जिंदा जला दिया (The then CI Ful Mohammad was burnt alive by sprinkling petrol) था, मामले में न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एससी/एसटी, न्यायाधीश पल्लवी शर्मा ने फैसला सुनाया। मामले में सजा शुक्रवार को सुनायी जायेगी। इस दोरान कोर्ट परिसर व आसपास पुलिस के आला अधिकारियों सहित भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। 

Sawai Madhopur: After 12 years, the court acquitted 30 including CO City, 49 including SHO in CI Phool Mohammad murder case

न्यायाधीश पल्लवी शर्मा द्वारा सुनाए गए फैसले जिसमें सीबीआई ने 89 लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी, जिसमें सीओ सिटी महेंद्र समेत 30 को दोषी माना। वहीं 5 की मृत्यु  हो चकी है तथा 3 अभी फरार है। 2 बाल अपचारी और थानेदार सुमेर सिंह सहित 49 को निर्दाेष मानते हुए बरी किया गया। 

उल्लेखनीय है कि सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर कोटा लालसोट मेगा हाइवे से सटे सूरवाल गांव में दाखा देवी नामक एक महिला की कुछ अज्ञात लुटेरे पैर काटकर चांदी की कड़ियां लूट कर ले गए थे, उक्त घटना के विरोध में लुटेरों की गिरफ्तारी को लेकर बाडोलास निवासी राजेश मीणा सूरवाल में पानी की टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल छिड़ककर आग लगा कर पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस दौरान वहां मौजूद भीड़ आक्रोशित हो गई और भीड़ ने तत्कालीन मानटाउन थानाधिकारी सीआई फूल मोहम्मद को घेर लिया, यहां तैनात सभी पुलिस कर्मी जान बचाकर भाग गए, सीआई फूल मोहम्मद भी जीप में सवार होकर वहां से निकलना चाह रहे थे, लेकिन भीड़ ने पेट्रोल छिड़क कर जीप को आग लगा दी। जिसमें सीआई फूल मोहम्मद जिंदा जल गए और उनकी मृत्यु हो गई थी।

सरकार ने फूल मोहम्मद को दिया था शहीद का दर्जा 
घटना के बाद राजस्थान सरकार ने फूल मोहम्मद को शहीद का दर्जा दिया था। सीआई के हत्याकांड मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीबीआई जांच कराने की घोषणा की थी। सीबीआई ने मामले में 89 लोगों को आरोपी बनाया, जिनमें से 3 अब भी फरार हैं। पांच की मौत हो चुकी है। वहीं 2 बाल अपचारी थे।

डीएसपी समेत को 30 दोषी माना
कोर्ट ने डीएसपी महेंद्र सिंह, राधेश्याम पुत्र ब्रजमोहन माली, परमानंद पुत्र रामनिवास, बबलू पुत्र रामनारायण, पृथ्वीराज, रामचरण, चिरंजीलाल, शेर सिंह, हरजी, रमेश मीणा पुत्र प्रहलाद, कालू पुत्र कोरिया, बजरंगा खटीक,मुरारी मीणा, चतुर्भुज मीणा, बनवारी पुत्र जगन्नाथ, रामकरण पुत्र हजारी, हंसराज उर्फ हंसा पुत्र रामकुमार, शंकर माली पुत्र कन्हैया, बनवारी लाल मीणा,धर्मेंद्र मीणा पुत्र सुरेश कुमार मीणा, योगेंद्र नाथ, बृजेश हनुमान पुत्र कन्हैया, रामजीलाल माखन सिंह, रामभरोसी मीणा, मोहन माली, मुकेश माली और श्यामलाल को दोषी माना है।

मामले में तत्कालीन सिटी पुलिस उप अधीक्षक महेंद्र सिंह को भी दोषी माना है, इधर फैसला आते ही चलानी गार्डो ने अपनी कस्टडी में ले लिया जहां से उन्हें वाहन में सवार कर भारी लवाजमे के साथ पुलिस के अधिकारी जेल ले जाने के लिए रवाना हुए। इस दोरान कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बंदोबस्त किया गया था।