हरियाली तीज पर लहरिया महोत्सव का आयोजन, सोलह शृंगार कर महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर लिया भाग

 
Lahariya Festival organized on Hariyali Teej, women participated enthusiastically by doing sixteen adornments

सवाईमाधोपुर, (राकेश चौधरी)। मित्रपुरा कस्बे में रविवार को हरियाली तीज पर लहरिया महोत्सव का आयोजन (Organizing Lahariya Festival on Hariyali Teej) जैन धर्मशाला किया गया। हरियाली तीज पर राजस्थान में सावन के महीने में लहरिये का काफी प्रचलन (In Rajasthan, there is a lot of trend of waves in the month of Sawan.) होता है। इस लहरिये की अगर बात करें तो सात रंग की ओढ़नी ओढ़ कर महिलाएं तीज की पूजा (Wearing seven colored veils, women worship Teej) करती है। पति द्वारा अपनी पत्नियों को लहरिया दिया जाता है। यह लहरिया राजस्थान में सुहाग सहित शौर्य का प्रतीक माना जाता है।

इस लहरिया को नई नवेली दुल्हन के लिए अपने ससुराल से जब दुल्हन पीहर होती है तो उसको भेजा जाता है और वह उस लहरिया की पोशाक को पहनकर तीज की पूजा कर अपने पति की लंबी उम्र लंबी सुहाग की कामना भी करती है। लहरियो को लेकर मित्रपुरा कस्बे में भी महिलाओं में काफी उत्साह देखा गया।

उसी की क्रम में मित्रपुरा कस्बे में भी लहरिया महोत्सव कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिसमें लहरिया उत्सव कार्यक्रम के तहत महिलाओं ने रंग-बिरंगे अलग-अलग सतरंग के लहरिए पहनकर भारी संख्या में उत्साह से कार्यक्रम में भाग लिया और महोत्सव में लहरिया कंपटीशन में भी महिलाएं 16 शृंगार कर लहरिया पहनकर पहुँची. सखियों के संग नृत्य किया खूब ठहाके लगाए। आज इस लहरिया महोत्सव में महिलाऐं एक से बढ़कर एक लहरिया पहनी हुई थी। कोई लाल तो कोई गुलाबी इतना ही नहीं कोई बादामी कलर में थी तो कोई हरे कलर में सजी-धजी थी। सावन के महीने में बारिश का समय होता है बारिश के चलते हरियाली की चादर ओढ़ लेती है।

तीज का महत्व सुहाग के लिए काफी महत्वपूर्ण
जिसके चलते काफी सुंदर और सुहानी लगती है. उसी प्रकार लहरिया जब पति द्वारा उसकी पत्नी को दिया जाता है तो पत्नी सोलह सिंगार करके तीज की पूजा करती है और पति की लंबी उम्र की कामना सहित शांति अच्छी बारिश की कामना करती है ताकि घर परिवार में सुख शांति बनी रहे और पति की लंबी उम्र हो सके।  सावन के महीने में तीज त्योहार होते हैं और तीज का महत्व सुहाग के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी लहरियों को पहनकर राजस्थान में महिलाएं तीज की पूजा करती है।