सवाई माधोपुर बौंली के चारागाह से अवैध खनन कर त्रिलोकपुरा में लगाया बजरी का स्टॉक, खनिज विभाग दे रह रवन्ना!

- बौंली राजस्व विभाग- पुलिस दल पहुंचा मौके पर कटवाया रास्ता
 
Gravel stock planted in Trilokpura by illegal mining from pasture of Sawai Madhopur Bauli, Mineral Department giving Ravanna!
सवाई माधोपुर, (राकेश चौधरी)। जिले के बोंली उपखंड क्षेत्र के हथड़ोली पंचायत के सहरावता झोपड़्या गांव के पास पिछले महीनों से जमकर चारागाह भूमी में अवैध बजरी खनन (Illegal gravel mining in pasture land) किया जा रहा हैं। जबकि इसी चारागाह भूमि से होने वाले अवैध बजरी खनन पर हाईकोर्ट जयपुर में सरपंच रघुवीर मीना अन्य की जनहित याचिका पर सुनवाई कर जस्टिस मोहम्मद रफीक ने 20 फरवरी 2017 को अवैध खनन एवं बजरी निर्गमन पर प्रतिबंध लगाकर जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सहायक अभियंता ख़ान विभाग, एसडीएम बौंली, एसएचओ बौंली को आदेश जारी किए गए थे। उस दौरान याचिका दर्ज करवाने वालों की शिकायत और न्यायालय के आदेशों की पालन सुनिश्चित नही करने पर अवमाननता मानते हुए तत्कालीन जिला कलेक्टर केसी वर्मा, पुलिस अधीक्षक मामन सिंह यादव को तलब किया गया था। 

बावजूद इसके अब तक बजरी परिवहन रोकना तो दूर की बात बनास के चारागाह से अवैध खनन तक नहीं रुक पाया। पूर्व सरपंच हथड़ोली भेरू लाल मीना ने बताया की चारागाह विकास के लिए लड़ाई लड़ने वाले रघुवीर मीना की मौत के बाद जहां बजरी खनन रुकवाना था अब वहीं प्रशासन अवैध खनन करवाकर उस बजरी का गैर तरीके से रवन्ना जारी कर रहा हैं। 

शिकायत के चलते थानाधिकारी कुशुमलता मीना मय पुलिस जाप्ते के बनास नदी चारागाह भूमी में होने वाले अवैध खनन स्थलों और बजरी परिवहन के अवैध रास्तों की जानकारी कर जेसीबी मशीन की सहायता से रास्तों को कटवाया गया। थानाधिकारी ने बताया की पुलिस बल बनास नदी में जाने की सूचना लगने पर बजरी परिवहन करने वाले ट्रैक्टर ट्रॉली और लोडर त्रिलोकपुरा गांव की और भाग गए। 

-अवैध खनन कर त्रिलोकपुरा में स्टॉक वालों को खनिज विभाग कर रहा रवन्ना जारी
क्षेत्र के सहरावता निवासी मुकेश मीना, बांसडा नदी निवासी हरकेश मीना, तिलोकपुरा के मनराज गुर्जर ने खनिज विभाग के एएमई पर चारागाह में अवैध खनन को बढ़ावा देने का आरोप लगाकर एसीएस ख़ान विभाग से जांच करवाने की मांग की हैं। शिकायत में बताया  कि जिस चारागाह भूमि में बजरी खनन और निर्गमन पर 2017 में हाईकोर्ट ने प्रतिबंध लगाया है अब उसी भूमि की बजरी को त्रिलोकपुरा गांव में ग़ैर रूप से वन भूमि से अवैध रास्ता बनवाकर स्टॉक किया जा रहा हैं। अवैध बजरी खनन के बाद किए अवैध स्टॉक से खनिज विभाग के एएमई चौथ का बरवाडा एलओआई धारक को रवन्ना जारी कर रहा हैं। मजेदार बात तो यह है की चारागाह की बजरी के बदले एलओआई धारक ट्रैक्टर वालों से प्रतिटन 100 रुपए दे रहा। उसी बजरी को डंपर और ट्रेलर चालकों को 650 रुपए प्रतिटन में बेचा जा रहा है। जबकि रसीद 56 रुपए प्रति टन की काटी जा रही हैं। 

खनिज विभाग ने यह बौला
खनिज विभाग सवाई माधोपुर के एएमई गौरव मीना का कहना है कि बौंली चरागाह में बजरी खनन निर्गमन प्रतिबंधित हैं। त्रिलोकपुरा राजस्व गांव में कोई बजरी लीज नहीं हैं। शिकायत की जांच की जाएगी। अवैध रवन्ने की जानकारी मुझे नही हैं। 

पुलिस ने कटवाये रास्ते
पुलिस थाना बौंली एसएचओ कुशुमलता मीना ने बताया कि हथड़ोली सहरावता के ग्रामीणों की शिकायत पर चारागाह से अवैध खनन रुकवाने की मांग पर हल्का पटवारी से सीमांकन की जानकारी लेकर बजरी परिवहन के रास्तों को देर शाम तक कटवाया गया हैं।