सवाई माधोपुर किसान व गोवंश को बचाने को लेकर भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री मीना ने किया संघर्ष ऐलान

सवाई माधोपुर जिले में लंपी रोग से अब तक 1200 गोवंश की मौत 
 
BJP Kisan Morcha State Minister Meena announced a struggle to save Sawai Madhopur farmers and cows

सवाई माधोपुर,(राकेश चौधरी)। भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री राम अवतार मीणा व जिलाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चौधरी ने मंगलवार को मित्रपुरा तहसील मुख्यालय जैन धर्म शाला में गोवंश में फेल रहा लंपी डिजीज वाइरस (Lumpy disease virus failing in cattle in Mitrapura Tehsil Headquarters Jain Dharma School) से असहाय गोवंश, जंगली जानवरों व आवारा पशुओं द्वारा किसानों (Farmers by helpless cows, wild animals and stray animals) को हो रही भारी समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन कर मित्रपुरा तहसीलदार कैलाश चंद मीना को राजस्थान के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। 

भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री मीणा ने बताया कि राजस्थान में विगत एक माह से गोवंश में लंपी डिजीज बीमारी भयंकर फेल रही है जिससे लगभग एक लाख गौवंश काल का ग्रास बन गये। पांच लाख गौवंश वाइरस से संक्रमित हो गये। लेकिन अभी तक गहलोत सरकार द्वारा प्रशासनिक व विभागीय स्तर पर कोई भी सर्वे व वेक्सीनेशन दवा इंजेक्शन या अन्य किसी प्रकार के उपचार की समुचित व्यवस्था नही करवा रही है।प्रदेश के सभी जिलों में सैकड़ों गोवंश की अकाल मृतु हो रही है। यदि यही सिलसिला रहा तो सम्पूर्ण गौवंश समाप्त हो जायेगा।  

प्रदेश मंत्री मीना ने कहा कि गहलोत सरकार किसानों की उक्त मांगों गम्भीरता से विचार कर नही मानेगी तो भाजपा किसान मोर्चा कठोर कदम उठाकर जन आंदोलन करेगा जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस मौके पर भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चौधरी, मण्डल अध्यक्ष हंसराज गुर्जर, पूर्व मण्डल अध्यक्ष जगदेव सिंह राजावत, जिला मंत्री बब्लू सेन, रमेश चंद गुर्जर, जगदीश गुर्जर, बलराम मीणा, कालूराम बेरवा, रमेश चंद मीणा, रामलाल सैनी, सुरेश चौधरी, रामधन शर्मा, पिंटू गोयल, रामकरण गुर्जर, ओम प्रकाश गुर्जर, सहित कई भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रदेश मंत्री ने गहलोत सरकार पर चुनाव के दौरान किसानों से किये गए वादों पर साधा निशाना
प्रदेश मंत्री ने बताया कि विधानसभा चुनाव वर्ष 2018 के चुनाव घोषणा पत्र में गौशाला खोलकर किसानों की समस्या को निजात दिलाने का वादा किया गया था। प्रदेश में कही पर भी गोशाला या नन्दीशाला नही खोली गई। जिससे आज आवारा पशु खुले में घूम रहे हैं और किसानों की फसलों को नष्ट कर रहे हैं। व सड़को पर झुंड बनाकर रास्ता रोक देते हैं। जिससे आये दिन दुर्घटनाओं में हजारों गौवंश व सेकड़ो लोगो की मृत्यु हो जाती है। 

ज्ञापन में किसानों के लिए निम्न बिंदुओं की रखी मांग
चुनावी वादे के अनुसार हर ग्राम पंचायत पर गोशाला खोली जाने, हर पंचायत समिति पर नन्दीशाला खोलने, असहाय गोवंश, जंगली रोजड़े व आवारा पशुओं द्वारा फसले हो रही बर्बाद को फसल बीमा में कवर किया जावे, सरकार द्वारा फसल बीमा व मुआवजा दिया जावे। गोपाल व्यवसाय को नरेगा से जोड़ा जाए तथा एक जॉब कार्ड पर एक गाय पालन अनिवार्य किया जावे एक से दो गाय पालने वाले किसान को प्रति माह दस हजार रुपये सरकार द्वारा अनुदान दिया जावे। 

गाय के गोबर व मुत्र से खेती करने वाले किसान को 25000 हजार रुपये का अनुदान दिया जावे तथा गोबर व गोमूत्र को खरीदने के लिए उपखंड स्तर पर सरकार किसानों के लिए व्यवस्था करे, प्रतिवर्ष मार्च, अप्रैल, मई, जून में सस्ती दर पर चारा डिपो खोले जावे, जिससे किसानों को पशुओं के लिए सस्ता चारा उपलब्ध हो और गौशालाओं को सरकारी स्तर पर 6 महीने चारा उपलब्ध करावे। जंगली रोजड़ों से हो रही दुर्घटना व मृत्यु पर 25 लाख व घायल को वन विभाग द्वारा 10 लाख मुआवजा दिया जावे।

राजस्थान में बाजरे की बंपर पैदावार को मध्य नजर रखते हुए 2550 रुपये समर्थन मूल्य पर बाजरे को खरीदने की व्यवस्था हर मंडी स्तर पर हो। राज्य सरकार स्टेम्प ड्यूटी पर  अतिरिक्त टैक्स लगाकर गौवंश के नाम पर रजिस्ट्रीओं पर वसूल रही है पैसा। प्रदेश मंत्री ने किसानों को बताया कि राज्य सरकार स्टैंप ड्यूटी पर अतिरिक्त टैक्स लगाकर गोवंश के नाम से रजिस्ट्रीओ पर पैसा वसूल रही है लेकिन उक्त राशि को गोहित, गो संरक्षण व सवर्धन के लिए कोई उपयोग नहीं हो रहा। उस पैसे को गौवंश के हित मे उपयोग सुनिश्चित करे।