Rajasthan- 5 दिन तक यात्रा नहीं कर सकेंगे आम यात्री, जाने वजह

 
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 रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने रीट अभ्यर्थियों की अधिक संख्या को देखकर निर्णय लिया कि राजस्थान में 26 सितम्बर को होने वाली रीट की परीक्षा को लेकर रोडवेज ने तैयारियां पूरी कर रोडवेज ने 24 से 28 सितम्बर तक साधारण और एक्सप्रेस बसों में ऑन लाइन रिजर्वेशन बंद कर दिया।

रीट भर्ती परीक्षा को देखते हुये राजस्थान रोडवेज मे 24 से 28 सितंबर तक ऑनलाइन रिजर्वेशन बंद कर दिया गया है। ऐसे में आम यात्री 5 दिनों में रोडवेज की साधारण और एक्सप्रेस बसों में अग्रिम आरक्षण नहीं करा सकेंगे। जिन यात्रियों ने आदेश जारी होने से पहले बसों में अग्रिम आरक्षण करवा लिया उनकी भी सीटों को निरस्त कर दिया गया। उन्हें टिकट की राशि के बराबर रिफंड की व्यवस्था की जा रही है। रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने रीट अभ्यर्थियों की अधिक संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया है। रीट के अभ्यर्थियों के लिए राज्य सरकार की पूर्व घोषणा के अनुसार रोडवेज में यात्रा फ्री रहेगी। अभ्यर्थियों को निशुल्क यात्रा की छूट 11 दिन के लिये प्रदान की गई। 26 सितम्बर को होने वाली रीट भर्ती परीक्षा मे माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने साढ़े 16 लाख अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए हैं।

परीक्षा को लेकर प्रदेश के 200 छोटे बड़े शहरों में 4 हजार से ज्यादा सेंटर बनाए गए हैं। इन परीक्षा सेंटर्स पर पहुंचने और परीक्षा के बाद घर जाने के लिए रीट अभ्यर्थी 20 सितम्बर से 30 सितम्बर तक रोडवेज की साधारण और एक्सप्रेस बसों में निशुल्क यात्रा कर सकते है। यह इसलिये किय है ताकि रोडवेज पर सभी अभ्यर्थियों का लोड एक ही दिन में नहीं आयेगा। इस दौरान आम यात्री भी बस में यात्रा कर सकता है। पर अभ्यर्थियों की भीड़ अधिक होने से उसे परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

रीट अभ्यर्थियों की भीड़ से आमजन के लिए साधारण और एक्सप्रेस बसों में यात्रा करना आसान नहीं हो सकता है। रोडवेज की डीलक्स, एसी और सुपर लग्जरी बसों में आम यात्री अग्रिम आरक्षण कर आराम से यात्रा भी कर सकते है। क्योंकि इन श्रेणी की बसों में रीट अभ्यर्थियों को निशुल्क यात्रा देय नहीं है। इसके लिए आमजन को साधारण और एक्सप्रेस बसों से अधिक किराया राशि का भुगतान करना होगा। राजस्थान में हाल ही राजस्थान पुलिस के लिये सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के दौरान आम आदमी को रोडवेज में सफर करने में भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।