अभिभावको ने बच्चों को स्कूल भेजने से अपने कदम किए पिछे

 
स्कूल

 राज्य में सितम्बर व अक्टूबर के  बिच में वैज्ञानिकों ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई है। इसी बीच राज्य सरकार ने छोटे बच्चों के स्कूल खोलने का एलान कर दिया है। दो साल बाद छोटे बच्चे स्कूलों में कदम रखने जा रहे है। पर ज्यादातर अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं है।  कोरोना की तीसरी लहर की आशंका  से वह बच्चों की जान को खतरे में नहीं डालना चाहते है।

अभिभावकों का कहना है जब वैज्ञानिक सितम्बर के अंतिम व अक्टूबर के पखवाड़े तक तीसरी लहर की आशंका जताई। त्योहारों पर भीड़ एकत्रित नहीं करने के लिए पाबंदी लगाई गई है। ऐसे में सरकार ने स्कूल खोलने का एलान किया है। छोटे बच्चों को वैक्सीन भी नहीं लगी है। ऐसे में बच्चों का खतरा मोल नहीं ले सकते है। क्योंकि छोटे बच्चे कोरोना गाइड लाइन की पालना नहीं कर सकते है।

कई अन्य राज्यों में स्कूल खोल दिए गए थे। वहा अचानक केस बढ़ गए है। कुछ राज्यों ने स्कूल वापस बंद करने के आदेश दिए है। जब सरकार ने दो साल का इंतजार किया तो दो माह और इंतजार करना चाहिए। ऐसे में राज्य सरकार को भी अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।