राजस्थानी कलाकार रवि बिशनोई के यारी, छोरा बिशनोइया का, हैप्पी बर्थडे, लहंगा आदी गाने बने युवाओं की पहली पसंद

 
Rajasthani artist Ravi Bishnoi's Yaari, Chhora Bishnoia's, Happy Birthday, Lehenga etc songs became the first choice of youth

राजस्थान की युवा पीढ़ी को अपने गानों से प्रभावित करने वाला एक जाना माना नाम है रवि बिशनोई (रविंद्र नैण)। आज हम बात कर रहे है संगीत कला जगत के उभरते हुवे कलाकार रवि बिशनोई (Artist Ravi Bishnoi) का। जो मात्र 22 साल की उम्र में अपने गानों से युवा दिलो पर राज कर रहे है, आज राजस्थान ही नही देश-विदेश में रवि के गानों को पसंद किया जा रहा है (Ravi's songs are being liked not only in Rajasthan but in the country and abroad.)। रवि को यारी गाने से प्रसिद्धि मिली है। 

नागौर के एक छोटे से गांव नेणास में रवि का जन्म 5 नवंबर 1999 को भीखाराम व हनुमाना देवी के यहां हुआ, जो की एक साधारण किसान परिवार से जुड़े है, एक संघर्षशील किसान होने के नाते रवि के पिता ने उन्हे जीवन में संघर्ष करना सिखाया, अपने स्कूल के दिनों से रवि को म्यूजिक का शौक था, विभिन संगीत और एक्टिंग में अव्वल रहने वाले रवि ने ठान लिया था कि राजस्थान के संगीत को आज के बॉलीवुड संगीत के तर्ज पर एक नई पहचान दिलानी है।

रवि ने बताया की दुनिया सिर्फ सफलता देखती है, उसके पीछे का संघर्ष सिर्फ कुछ लोगो को ही पता होता है, शुरुआत में कई म्यूजिक कंपनियों से निराशा हाथ लगने के बाद भी रवि ने हार नहीं मानी, खुद का एक यूट्यूब चैनल शुरू किया। रवि बताते है की खुद का म्यूजिक लेबल शुरू करने में उनके गुरु सत्यप्रकाश जी और दोस्त महेंद्र सैनी ने मदद की, शुरुआत में जब सोंग रिकॉर्ड करने के पैसे नही थे, अब उनके दोस्त सैनी ने अपनी बाइक बेच कर पैसे दिये थे। आखिर उनकी मेहनत रंग लाई और उनके गाने लोगो की जबान पर आने लगे। आज राजस्थान की म्यूजिक इंडस्ट्री में रवि ने अपना शीर्ष स्थान बनाया है, उनके गाने यारी, छोरा बिशनोइया का, सरकारी फैसले, हैप्पी बर्थडे, लहंगो आज की युवा पीढ़ी द्वारा बहुत पसंद किए जा रहे है। 

   रवि का मानना है की राजस्थान से म्यूजिक की शुरुआत हुई थी और आज यहां के युवा पंजाबी और हरियाणवी संगीत को सुनना ज्यादा पसंद करते है, तो क्यू ना राजस्थानी भाषा में भी उसी तर्ज पर गाने बनाए जाए ताकि आजकल के युवाओं को अपनी भाषा में सुनने के लिए उनके पसंदीदा गाने मिल सके। इससे राजस्थान की म्यूजिक इंडस्ट्री भी विश्व भर में अपनी छाप छोड़ सके।  

 रवि के संघर्ष में उनके परिवार में उनके चाचा शिवलाल और दोस्त माही का सहयोग रहा है, रवि अपने म्यूजिक लेबल से नए नए कलाकारों और संगीतकारों को मौका देते है। उनका कहना है की वो नए कलाकारों में खुद को देखते है, उनका संघर्ष याद आता है, रवि के सोशल मीडिया पर लाखो फॉलोअर्स है।