12 वर्षीय बालिका के लिए के लिए अनजान ने डोनेट की एसडीपी, सोशल मीडिया की अपील से आये मददगार

 
अनुभव मित्तल donar

कोटा। कोटा में ड़ेंगू थमने का नाम नही ले रहा। ऐसे में बराबरी से लोग भी मदद करने में पीछे नही है। जब भी ब्लड प्लेट्लेट्स की कोई डिमांड आती है तो सोशल मीडिया सबसे श्रेष्ठ प्लेटफॉर्म बनकर मदद हेतु मध्यस्थता करता है। आमजन संदेश को वायरल कर मददगार को ज़रूरतमंद तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाते है। 
ऐसा ही एक और वाक्या देखने को मिला। टीम न्यू रक्तदान महादान के संस्थापक चेतन पांडे बताते है कि भारत विकास अस्पताल में भर्ती श्योपुर निवासी बच्ची ए पॉजिटिव ललिता सुमन (12) ड़ेंगू से लड़ते लड़ते गंभीर अवस्था में आ गयी औऱ प्लेट्लेट्स गिरकर 10,000 रह गए। किट की क़िल्लत उचित डोनर की तलाश पिता सुरेश सुमन के लिए भारी सिर दर्द बन गयी। ऐसे में सोशल मीडिया सहारा बनी।

सोशल मीडिया पर सूचना देखकर अनुभव मित्तल ने चेतन पांडे जी को फोन किया और चेतन पांडे खुद अनुभव मित्तल को लेकर भारत विकास अस्पताल पहुँचे। दोनों तुरंत भारत विकास ब्लड बैंक पहुंचे और अनुभव मित्तल ने एसडीपी डोनेट की। पिता ने बाद में बताया कि तुरंत एसडीपी चढ़ते ही बच्ची रिकवर करने लगी और अब वो सामान्य अवस्था मे आ चुकी है। उनका कहना था कि बच्ची के लिए भगवान ने अनजान को भेजा है। अनुभव मित्तल पूर्व में भी 2 बार न्यु रक्तदान महादान ग्रुप सेवा संस्थान के माध्यम से एसडीपी दे चुके है।