कोटा भामाशाहमंडी के व्यापारी पर धोखाधड़ी का आरोप, 4 किसानों ने दर्ज कराया 1.21 करोड़ की धोखाधड़ी का मुकदमा

कृषि उपजमंडी समिति के पूर्व उपाध्यक्ष देवा भड़क की अगुवाई में मंडी सचिव से मिले किसान
 
देवा भड़क की अगुवाई में मंडी सचिव से भी मिले

कोटा । भामाशाहमंडी की एक व्यापारिक फर्म व एक मिल के खिलाफ षड़यंत्रपूर्वक गेहूं व सरसों की खरीद कर भुगतान नहीं कर करोड़ों की धोखाधड़ी करने का चार किसानों ने अनंतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। इस संबंध में किसान कृषि उपजमंडी समिति के पूर्व उपाध्यक्ष देवा भड़क की अगुवाई में मंडी सचिव से भी मिले और उन्हें भी ज्ञापन सौंपकर न्याय दिलाने की मांग की।

पुलिस में दी रिपोर्ट में किसान कमलेश पुत्र रामनारायण, लालचन्द पुत्र गोरीलाल पालीवाल, कालूलाल पुत्र रतनलाल चारण पवन कुमार पुत्र हीरालाल निवासी ग्राम रटलाई तहसील झालरापाटन झालावाड़ ने आरोप लगाया कि प्राथीगण रटलाई के किसान हैं और पिछले कई वर्षों से मैसर्स पोकरा एण्ड कंपनी भामाशाहमंडी कोटा के मालिक ओमप्रकाश पोकरा, कुंजबिहारी पोकरा, नवनीत पोकरा व कपिल पोकरा को बेचान करते चले आ रहे हैं। इसी विश्वास पर इस वर्ष भी हमने 6 फरवरी से 9 मार्च के बीच अपनी 1 करोड़ 16 लाख रूपये की गेहूं की उपज व 5 लाख रूपये की सरसों मैसर्स पोकरा एण्ड कंपनी भामाशाह मंडी की फर्म के संचालकों को विक्रय की। परन्तु मैसर्स पोकरा एंड कंपनी के संचालकों व मैसर्स अमर एन्टरप्राईजेज मिल मालिक के संचालक व उसके मुनीम ने आपस में षड़यंत्र रचा और मैसर्स पोकरा एंड कंपनी के संचालकों ने अमर एन्टरप्राईजेज मील को अपनी स्वयं की बताकर जो कि भामाशाहमंडी के बाहर है, वहां पर हमारे पूरे माल को खाली करवा लिया। अब पिछले छह महीने से मैसर्स पोकरा एण्ड कंपनी के मालिकों से भुगतान की मांग कर रहे हैं, पर घर में शादी व पिताजी की बीमारी के बहाने व झूठे दिलासे दे रहे हैं, अभी तक ना तो भुगतान किया है और ना ही माल वापस दे रहे हैं। जब हमने अमर एन्टरप्राईजेज के मालिक सोनू भाई से पैसों की मांग की तो सोनू भाई ने कहा कि मैंने माल मैसर्स पोकरा एण्ड कंपनी से खरीद किया है, जिसका सारा भुगतान मैंने मैसर्स पोकरा एण्ड कंपनी को कर दिया है।

किसानों ने आरोप लगाया कि अब मैसर्स पोकरा एण्ड कंपनी के मालिकों ने तो अब पेमेंट करना तो दूर अब तो हमें पहचानने से भी इंकार कर दिया है, जबकि प्रार्थीगण किसान पिछले 10-15 वर्षो से मैसर्स पोकरा एण्ड कंपनी को अपनी उपज बेच रहे हैं। पुलिस को दी शिकायत में किसानों ने आरोप लगाया कि हमारी उपज को हड़पने के लिए मैसर्स पोकरा एण्ड कंपनी के मालिकों, अमर एन्टरप्राईजेज व उसके मुनीम  विजय कुमार की प्रार्थीगणों के साथ धोखाधड़ी करने एवं माल हड़पने की प्रारंभ से ही प्लानिंग थी और उक्त रकम इन्होंने आपस में मिल बांटकर हड़प ली है।
किसानों की रिपोर्ट पर अनंतपुरा थाना पुलिस ने धारा 420, 406, 120बी में मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

एक महीने में बेचा 1 करोड़ 21 लाख से अधिक का माल
पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित किसानों ने बताया कि प्रार्थी कमलेश का दिनांक 6 फरवरी 2021 से 8 मार्च 2021 तक 1626 क्विंटल गेहूं जिसकी कीमत 31 लाख 81 हजार 917 रूपये तथा प्रार्थी लालचन्द पालीवाल ने दिनांक 12 फरवरी 2021 से 1 मार्च 2021 तक गेहूं 3200 क्विंटल जिसकी कीमत 62 लाख 73 हजार 675 रूपये, कालूलाल चारण ने दिनांक 6 फरवरी 2021 से 8 मार्च 2021 तक 656 क्विंटल गेहूं जिसकी कीमत 11 लाख 30 हजार 200 रूपये एवं प्रार्थी पवन कुमार ने दिनांक 13 फरवरी 2021 से 9 मार्च 2021 तक 634 क्विंटल गेहूं जिसकी कीमत 11 लाख 58 हजार 2 रूपये का माल यानी कुल 1 करोड़ 16 लाख रूपये व पांच लाख 20 हजार रूपये की सरसों हमने मैसर्स पोकरा एण्ड कंपनी को विक्रय किया था।

ये किसान विरोधी काले कानून जैसी धोखाधड़ी - देवा भड़क
वहीं इस संबंध में किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने कृषि उपजमंडी के सचिव को भी शिकायत सौंपी है, इस दौरान कृषि उपजमंडी के पूर्व उपाध्यक्ष देवा भड़क ने सचिव से वार्ता के दौरान कहा कि ये ठीक नये कृषि कानून जैसा प्रकरण है, जिसमें कांग्रेस व किसान विरोध जताकर आशंका जता रहे हैं कि बड़े व्यापारी और बड़ी कंपनियां सीधा किसानों से माल खरीदेगें। यह प्रकरण भी काले कानून जैसी धोखाधड़ी जैसा ही है, भामाशाहमंडी के व्यापारी ने बाहर के मिल वाले से सांठगांठ कर मंडी के बाहर से ही किसानों का माल खरीदकर बेचान कर दिया और अब भुगतान नहीं कर रहा है और छह महीने से गरीब किसान दर-दर की ठोंकरें खाने को मजबूर हैं, पर उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। देवा भड़क ने कहा कि नये कृषि कानून से आगे भी ऐसी ही धोखाधड़ी बढेगी। जिसका हम सभी कांग्रेसजन किसानों के हित में विरोध कर रहे हैं।