दिवाली की शाम ड्यूटी पर गए रेलवे गार्ड की ट्रेन से कटकर मौत, शव के टुकड़े टुकड़े मिले, बोरे में समेटा शव

 
 रेलवे गार्ड की ट्रेन से कटकर मौत

कोटा। रेलवे के एक गार्ड की नागदा स्टेशन पर दिवाली की रात ट्रेन से कटकर दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि 25 कदम तक शव के टुकड़े टुकड़े पड़े मिले। जिसपर स्वीपर को बुलवाकर शव को बोरे में रखवाया गया। गार्ड का शव शुक्रवार रात कोटा पहुंचा। शनिवार को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया गया। पूनम कॉलोनी, दुर्गा नगर निवासी गार्ड राजेंद्र गोचर (48) गुरुवार शाम को मालगाड़ी लेकर ड्यूटी पर नागदा गया था। राजेंद्र के एक बेटा और बेटी की है। बेटा-बेटी अविवाहित है। राजेंद्र अपनी मां, पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे।

जानकारी के अनुसार गुरुवार ट्रेन रात करीब साढ़े 11 बजे मालगाड़ी नागदा स्टेशन पहुंची थी। ड्यूटी खत्म होने के बाद वो नागदा स्टेशन पर थे। इसी दौरान अज्ञात ट्रेन की चपेट में आ गए। ट्रेन से कई जगह से कटने पर राजेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।

रात भर पटरी पर पड़ा रहा शव
इस घटना के बाद राजेंद्र का शव रात भर पटरी पर ही पड़ा रहा। इस दौरान संभवत कई ट्रेनें निकलने से शव और अधिक क्षत-विक्षत हो गया। शव के इतने टुकड़े हो गए कि उन्हें बोरियों में भरकर लाना पड़ा। पटरी पर शव पड़ा होने की सूचना सुबह करीब 7ः15 बजे मिली। इसके बाद मौके पर पहुंची जीआरपी ने शव को अस्पताल पहुंचाया। जेब से बरामद कागजातों और मोबाइल सिम के आधार पर सुबह करीब 11 बजे  राजेंद्र की पहचान हो सकी।
जीआरपी नागदा चौकी प्रभारी जीपी चौधरी ने बताया कि पटरी पर शव पड़ा होने की सूचना सुबह करीब 7ः15 बजे मिली। इसके बाद मौके पर पहुंचकर शत विक्षत शव को 4 स्वीपर ने बोरे में समेटा ओर अस्पताल पहुंचाया।

हादसे में मृतक की जेब में रखा मोबाइल भी टूट चुका था। शव के पास एक सिम मिली। जांच पर पता चला ये विभाग की सिम है। मोबाइल में डालकर नम्बर चेक किए तो मृतक के बारे में पता चला। जिसके बाद साथी गार्डों ने राजेन्द्र की पहचान की। हादसे की जानकारी मिलने पर मृतक के साडू, बेटा, व कुछ गार्ड मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर कोटा पहुंचे।

बताया जा रहा है कि ड्यूटी का समय होने के कारण राजेंद्र लक्ष्मी पूजा भी नहीं कर सके थे। ट्रेन का समय होने के कारण राजेंद्र को लक्ष्मी पूजा से ठीक पहले घर से निकलना पड़ा। हालांकि की परिवार वाले चाहते थे कि राजेंद्र लक्ष्मी पूजा करके ड्यूटी पर जाएं।