कोटा शराब ठेकेदारों ने गारंटी की बाध्यता लागू करने के विरोध में धरना देकर दिया ज्ञापन

 
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 कोटा। राजस्थान सरकार द्वारा शराब ठेकों में गारंटी की बाध्यता लागू करने के विरोध में शराब ठेकेदारों ने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया।  शराब ठेकों में गारंटी की बाध्यता समाप्त कर सभी तरह के राइडर हटाकर कम्पोजिट फीस माफ करने की मांग को लेकर आबकारी आयुक्त उदयपुर के नाम अतिरिक्त आबकारी आयुक्त कोटा को ज्ञापन सौंपा।

वाईन कॉंटेक्टर एसोसिएशन कोटा के अध्यक्ष विनोद पारेता ने बताया कि कोरोना महामारी व सरकार की गलत आबकारी नीति की वजह से शराब ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है, ठेकेदार बर्बाद हो चुके हैं। सभी के गोदाम माल से भरे हुए है। सरकार द्वारा नीलामी लगाकर दुकानें तो दी गई परंतु शराब बिक्री नहीं आने के कारण तरह-तरह के राइडर लगाने के कारण ठेकेदार दुकाने चलाने में असमर्थ हो रहे हैं। शराब ठेकेदारों की मांग है कि शराब ठेकों में गारंटी की बाध्यता खत्म की जाए, नई शराब नीति में नीलामी में गारंटी की बोली होने के कारण कम्पोजिट फिस का कोई ओचित्य नहीं बनता इसे हटाया जाए।

जो भी ठेकेदार अपनी गारंटी पूरी नहीं कर पाता उसमें सिर्फ आबकारी शुल्क लिया जाकर, बीएलएफ हटाया जाए, अंग्रेजी शराब में जो 20 प्रतिशत का मार्जिन दिया गया था, वह 10 से 12 प्रतिशत आ रही है उसे 20 प्रतिशत किया जाए। अप्रैल मई-जून में जिस अनुज्ञाधारी द्वारा बेसी की गई थी, उसको भी छुट का अधिकार देकर उसकी बेसी द्वितीय क्वाटर में एडजस्ट की जाए, एमएसपी की बाध्यता समाप्त की जाए और एमआरपी ही की जाए। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगे पूरी नहीं होती तो शराब ठेको पर ताला लगाकर दुकान सरेंडर करने के अलावा कोई रास्ता नहीं दिखता है। दुकान सरेंडर कर इसे बकाया का नोड्यूज प्रमाण पत्र दिया जाए।

इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय सिंह राठौड़, बलविंदर चावला, सोहन सुवालका, पूर्व अध्यक्ष संतोष अग्रवाल, योगेश चतुर्वेदी, राम कल्याण नागर, विनोद झमनानी, देवेश तिवारी, हनुमान पारेता, राजू पालीवाल, सावर सिंह, शंकर बना, इसरार बेग, धर्मेंद्र सुवालका, धर्मेंद्र मीणा, आदित्य सिंह हाडा आदि मौजूद थे।