आत्मनिर्भर भारत के लिए सहकारिता का दायरा बढ़ाना आवश्यक - बिरला

 
आत्मनिर्भर भारत के लिए सहकारिता का दायरा बढ़ाना आवश्यक
कोटा। विकसित भारत की परिकल्पना सहकारिता के बिना संभव नहीं है । सहकारिता की भावना लोगों को जोड़ने का काम करती है । कोरोना काल में हमने ये प्रत्यक्ष रूप से देखा कि विपरित परिस्थितियों में भी सामूहिक सहयोग से सभी ने एक-दूसरे का हाथ थामे रखा और हम भीषण संकट से निकल सके। सबको साथ लेकर चलना हमारे संस्कारों में है। भारत आत्मनिर्भर बने इसलिए आज आवश्यकता है कि सहकारिता का दायरा बढ़े। केंद्र सरकार ने इसकी प्रासंगिकता को समझ कर सहकार से समृद्धि के मंत्र देते हुए सहकार मंत्रालय का गठन किया है । राज्य सरकार को भी यह समझना होगा कि अवांछित बदलावों से सहकारिता आंदोलन कमजोर होगा । यह बात बुधवार को बसंत विहार स्थित माहेश्वरी भवन में सम्पन्न हुई कोटा जिला सहकारी उपभोक्ता हॉलसेल भण्डार लि. कोटा की आमसभा की बैठक में  मुख्य अतिथी के रूप में संबोधित करते हुए कोटा नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश बिरला ने कही।

कोटा की आमसभा सम्पन्न

कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा जिला सहकारी हॉलसेल उपभोक्ता भण्डार लि.के अध्यक्ष हरिकृष्ण बिरला ने की। कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी, अजमेर से पधारी साध्वी अनादि सरस्वती, श्री हितकारी सहकारी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सूरज बिरला सचिव चंद्र मोहन शर्मा, महिला नागरिक सहकारी बैंक की अध्यक्षा श्रीमती मंजू बिरला, व कोटा कर्मचारी सहकारी समिति सभा नंबर 108 की अध्यक्षा  डॉ श्रीमती मीना बिरला एवं सचिव विमलचंद जैन विशिष्ट अतिथी थे। इसके पूर्व कोटा जिला सहकारी उपभोक्ता हॉलसेल भण्डार लि. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामचरण मीणा ने  सभी संचालक मंडल व सदस्यों का आमसभा में स्वागत किया। मीणा ने आमसभा में आय-व्यय से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट वर्ष 2018-19 2019- 20 सभा पटल पर रखी जिससे सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया।

आदि मौजूद रहे।

आमसभा को संबोधित करते हुए कोटा जिला सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार लि. के अध्य़क्ष हरिकृष्ण बिरला ने कहा कि आज के युग में प्रतिस्पर्धा के चलते सभी केवल लाभ के लिए दौड़ रहे हैं, लेकिन भंडार का लक्ष्य उपभोक्ता को उचित दर में  गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध कराने का रहता है।  तमाम अड़चनों के बावजूद सभी सदस्यों के सहयोग के कारण हर वर्ष की तरह उपभोक्ता भंडार ने अच्छा व्यापार किया है। संस्था के अध्यक्ष के तौर पर उनकी कोशिश रहती है कि बाजार कीआवश्यकताओं के अनुरूप बदलाव लाए जाए। पिछले दिनों राज्य सरकार की नीतियों में हुए बदलाव के कारण संस्था के मूल व्यापार में कमी आई है, प्रतिकूल प्रभाव अप्रत्यक्ष रूप से भंडार से जुड़े  लोगों पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि संस्था के हितों की रक्षा के लिए वे विभिन्न माध्यमों से सरकार तक अपनी बात को पहुंचाने का काम करेंगे। बिरला ने कहा कि संस्था के व्यापार में विस्तार व आय के स्त्रोत में वृद्धि को लेकर भविष्य में प्रेट्रोल व गैस पंप को लेकर भी योजनाओं पर कार्य किया जाएगा ।

सदन में उठाएंगे पेंशनरों की समस्या
विधायक संदीप शर्मा ने दिवंगत सहकार नेता श्रीकृष्ण बिरला को याद करते हुए कहा कि यह दुरूख का विषय है कि आज यह आमसभा उनकी मौजूदगी की बगैर हो रही है। यह बाऊजी की ही मेहनत का प्रतिफल है कि  कोटा समेत पूरे प्रदेश में सहाकारिता की भावना जन-जन तक पहुंची है। शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने बगैर किसी वैकल्पिक व्यवस्था किए पेंशनरों के लिए राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) शुरू कर दी । उम्रदराज पेंशनरों को दवाई के लिए भटकना पड़ रहा है। विधायक ने कहा कि वे इस मामले को सदन में उठाएंगे और सरकार से पूर्व में चली आ रही व्यवस्था को लागू करने का आग्रह करेंगे। विधायक कल्पना देवी  कहा कि सहकारिता रोजगार के सृजन का तो बड़ा माध्यम है ही साथ ही गांव, गरीब, किसान की सेवा का सबसे अच्छा माध्यम है। सहकारिता के माध्यम से गांवों के साथ ही किसानों का प्रभावी तरीके से विकास किया जा सकता है। कार्यक्रम को साध्वी अनादि सरस्वती ने भी संबोधित किया।

इन प्रस्तावों पर हुई चर्चा
इससे पूर्व आमसभा में संचालक महीप सिंह सोलंकी व प्रतिनिधि रितेश चित्तौड़ा ने वर्ष 2023 में प्रस्तावित चुनावों के बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए अधिसूचना जारी करने का प्रस्ताव रखा ताकि भविष्य में तय समय पर चुनाव कराए जा सकें। संचालक अशोक मीणा व प्रतिनिधि निजामुद्दीन खान, ने भंडार की आर्थिक स्थिति का मामला उठाते हुए राज्य सरकार द्वारा की गई नई नियुक्तियों को रद्द करने व पूर्व में कार्य कर रहे संविधाकर्मियों को बोनस अंक देने को की मांग को संबंधित विभाग के मंत्री के समक्ष रखने का प्रस्ताव रखा।

संचालक धीरेंद्रपाल सिंह व प्रतिनिधि रामदयाल शाक्यवालने राज्य सरकार को आरजीएचएस योजना से पेंशनर्स वह राज्य कर्मचारियों को हो रही समस्या के मद्देनजर उपभोक्ता भंडार को प्राथमिकता देते हुए दवाई की अनुपलब्धता होने पर एनओसी  देने में प्राथमिकता दी जाए यदि उपभोक्ता भंडार दवाई नहीं दे पाता है तब अन्य  फार्मा कंपनियों को एनओसी देने का अधिकार दिए जाने का का प्रस्ताव रखा। वार्ड प्रतिनिधि अशोक राठौड़ नरेंद्र सुमन रितेश मेवाड़ा,राकेश शर्मा ने भी प्रस्ताव रखे आम सभा में सदस्यों ने रखे गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया।

यह रहे मौजूद
आमसभा में कोटा जिला सहकारी हॉलसेल उपभोक्ता भण्डार लि. के उपाध्यक्ष नरेंद्रकृष्ण बिरला, पूर्व महापौर महेश विजय, पूर्व उपमहापौर सुनिता व्यास,संचालक इंद्रमल जैन, तेजपाल सिंह, उषा न्याति, दिशा गुप्ता, खुशबू बिरला, विष्णु कंवर,  आदि मौजूद रहे।