कोटा स्टेशन के पास बैपटरी हुआ इंजन, देर हुई घटना से रेलवे में मचा हड़कंप, चालक निलंबित

 
बैपटरी हुआ इंजन

कोटा। कोटा रेलवे स्टेशन के पास सोमवार रात करीब 11.15 बजे एक इंजन धक्का (डेड एंड) तोड़ता हुआ बैपटरी हो गया। जिससे रेलवे प्रशासन में हडकंप मच गया। सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और इंजन को पटरी पर चढ़ाने का काम शुरू किया। रात करीब एक बजे इंजन को वापस पटरी पर चढ़ाया गया। मामले में प्रशासन ने चालक (शंटर) भरत माली को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच की जा रही है।

कोटा स्टेशन के पास

सूत्रों ने बताया कि यह इंजन जोधपुर-भोपाल पैसेंजर ट्रेन से कटा था। ट्रेन से अलग होने के बाद इंजन आगे यार्ड में जाने के लिए प्लेटफार्म नंबर 3 खड़ा था। तभी अचानक इंजन यार्ड में जाने की जगह लाइन नंबर 5 में घुस गया। शंटर कुछ समझ पाता इससे पहले इंजन डेड एंड को तोड़ता हुआ पटरी से उतर गया। गनीमत रही कि इंजन की रफ्तार कम थी। इसके चलते इंजन ओएचई के खंभे से टकरा बाल-बाल बचा। थोड़ी और रफ्तार तेज होने पर इंजन ओएचई के खंभे से टकरा सकता था। टक्कर के बाद इंजन पलट भी सकता था। बिजली व्यवस्था ठप हो सकती थी। इससे ट्रेन संचालन भी प्रभावित हो सकता था।

 इंजन धक्का (डेड एंड) तोड़ता हुआ

मामले की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद अधिकारी तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। घटनास्थल के निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने दुर्घटना राहत ट्रेन (एमएफडी) बुलाने का निर्णय लिया। इसके बाद रात करीब 11ः45 बजे हूटर बजाया गया। इसके बाद हाइड्रोलिक जैकों की मदद से इंजन उठाने का काम शुरू किया गया।

 रेलवे प्रशासन में हडकंप मच गया

सूत्रों ने बताया कि शुरुआती जांच में शंटर द्वारा बिना सिग्नल के ही इंजन चलाने का मामला सामने आया है। अगर सिग्नल मिलने के बाद इंजन चलाया जाता तो यह दुर्घटना नहीं होती। इंजन सीधा यार्ड में चला जाता। लेकिन सिग्नल नहीं मिलने के कारण पॉइंट सेट नहीं थे। इसके चलते इंजन डेड एंड में घुस गया। इस मामले में प्रथम दृष्टया गलती सामने आने पर शंटर को निलंबित किया गया है।

गौरतलब है इसी प्रकार रामगंजमंडी के पास मोडक स्थित निजी साइडिंग में रविवार को एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। बाद में प्लांट वालों ने ही जैको की मदद से गिरे हुए डिब्बे को पटरी पर चढ़ा दिया। यह घटना दोपहर करीब 11ः45 की बताई जा रही है। पहले कोटा से ही दुर्घटना राहत ट्रेन भेजे जाने की तैयारी थी। लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया। प्रशासन द्वारा घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।