कांग्रेस ने निगम को बनाया तुष्टीकरण का अखाड़ा, मेले के शुभारंभ की बरसों पुरानी परम्परा तोड़ी

- भाजपा पार्षदों ने दोनों निगम के महापौर व उपमहापौर पर लगाए आरोप, जताया विरोध
 
आशापाला मंदिर

कोटा। भाजपा पार्षदों ने दोनों नगर निगम के महापौर व उपमहापौर पर तुष्टीकरण की राजनीति करने व राजनीतिक स्वार्थ के लिए सदियों से चली आ रही धार्मिक परम्परा का निर्वह्न नहीं करने का आरोप लगाया है। गुरुवार को नवरात्र के प्रथम दिन राष्ट्रीय दशहरे मेले पर आशापाला मंदिर पर की जाने वाली पूजा में दोनों नगर निगम के महापौर, उपमहापौर व कई  अधिकारी नदारद रहे। इस पर भड़के भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए राजनीतिक लाभ लेने के लिए हिंदु परम्पराओं का अपमान करने का आरोप लगाया है।

भाजपा पार्षद विवेक राजवंशी के नेतृत्व में हुई पार्षदों की बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी कर कांग्रेस नेताओं के इस कृत्य की निंदा की गई। पार्षद विवेक राजवंशी ने कहा कि नवरात्र के प्रथम दिन आशापाला मंदिर में आरती व पूजा कर राष्ट्रीय दशहरा मेल के शुभारंभ की परम्परा बरसों से जारी है। बोर्ड किसी भी दल का हो लेकिन ये परम्परा निभाई जाती है लेकिन दक्षिण निगम के महापौर राजीव अग्रवाल, उपमहापौर पवन मीणा व उत्तर की महापौर मंजू मेहरा, उपमहापौर सोनू कुरेशी व अधिकारयों ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाकर हिंदु समाज को ठेस पहुंचाने पहुंचाई है, इससे समाज में गलत संदेश गया है।

कई हिंदु संगठनों ने भी इस घटना पर रोष व्यक्त किया है। भाजपा पार्षद रामबाबू सोनी ने कहा कि तुष्टीकरण कर समाज में जहर घोलना और समाज को बांटना ही कांग्रेस के नेताओं का काम है। भारतीय संस्कृति का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान मौजूद पार्षद योगेश वालिया, संजीव विजय, सुनील गौतम, भानु गौड़, धीरेंद्र चौधरी, दिलीप अरोड़ा, लक्ष्मी प्रजापति, रीटा सलूजा, प्रतिभा गौतम, लक्ष्मी मेहरा सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने मौके पर ही आयुक्त कीर्ति राठौड़ के समझ विरोध जताया।