ईमानदार कोशिश करें, सफलता मिलकर ही रहेगी, टॉक शो में जाने माने शिक्षक नितिन विजय और आशु घई ने दिए सफलता के टिप्स

 
Try honest, success will remain together, in the talk show, well-known teachers Nitin Vijay and Ashu Ghai gave success tips

कोटा। जाने माने शिक्षक और मोशन एजुकेशन के सीईओ नितिन विजय (Eminent educator and CEO of Motion Education Nitin Vijay) और सोशल मीडिया पर हंसते-हंसाते पढ़ाने के लिए मशहूर दिल्ली के आशु घई ने टॉक शो में सफलता के टिप्स (Delhi's Ashu Ghai, known for teaching laughs and laughs on social media, shares tips for success in talk shows) दिए।

Try honest, success will remain together, in the talk show, well-known teachers Nitin Vijay and Ashu Ghai gave success tips

नितिन विजय और आशु घई ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि अगर हम पूरे भरोसे के साथ अपने लक्ष्य को पाने की ईमानदार कोशिश करते हैं तो सफलता मिलकर ही रहती है। 

बिना थके लगातार कई घंटे कैसे पढ़ें, सवाल के जवाब में बताया कि जब हम किसी काम को प्यार करते हैं तो वह बोझ नहीं लगता। उसको करते हुए छुट्टी जैसा ही महसूस होता है। पढाई के मामले में भी यह बात उतनी ही सही है। आप आपने लक्ष्य को याद रखें, परिवार के संघर्ष को स्मरण करें तो आपको भी पढाई से प्यार हो जाएगा और पढते हुए समय का पता ही नहीं चलेगा। 

पढ़ते समय असफलता के डर पर कहा कि यह डर कभी न कभी सभी को सताता है। लेकिन आप पूरी शिद्द्त के साथ ईमानदार कोशिश करते हैं और 15-16 घंटे मेहनत करना सीख जाते हैं तो आप विफल हो ही नहीं सकते। वैसे भी सच है कि केवल सलेक्शन ही सफलता की गारंटी नहीं होती। लोग आईआईटी में इंजीनियरिंग पढ़ने के बाद भी शिक्षक, लेखक, नेता, अभिनेता, समाजसेवी, व्यवसायी बनते ही है।  

शिक्षक के रूप में अपने अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि आप जो कह रहे हैं, उसमें आपका पूरा भरोसा है तो ही विद्यार्थी उसको आत्मसात करते हैं। विद्यार्थी जिस शिक्षक से जुड़ाव महसूस नहीं करता है, उससे न डाउट पूछते है और न ही समस्या बताते हैं। इसलिए हमारा जोर बच्चों से कनेक्ट होने, उनके दिल के करीब जाकर बॉन्डिंग बनाने पर रहता है।

शिक्षक को गुस्सा कब आता है, सवाल के जवाब में बताया कि हम गुस्सा उसी पर करते हैं जिससे लगाव हो, प्यार करते हैं। जब लगता है कि एक प्रतिभावान विद्यार्थी अपनी लापरवाही के कारण वांछित प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है तो उसे समझाने के लिए गुस्सा भी दिखाना पड़ जाता है। कार्यक्रम का संचालन अरुण तोमर ने  किया। समारोह में मोशन एजुकेशन की डायरेक्टर डॉ. स्वाति विजय भी मौजूद थीं।