GST की नई स्लैब घातक, जीएसटी स्लैब में भारी बढ़ोतरी को लेकर कोटा व्यापार महासंघ ने बुलाई कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक

-बढ़ेगी महंगाई, खाद्य पदार्थ आटा, दाल, चावल GST के दायरे में आने से आमजन पर पड़ेगा बोझ
 
The new GST slab is fatal, the quota trade federation called an emergency meeting of the executive regarding the huge increase in the GST slab

कोटा। जीएसटी काउंसिल (GST Council) द्वारा 18 जुलाई से कई वस्तुओं पर GST की स्लैब में भारी बढ़ोतरी को कोटा व्यापार महासंघ ने इसे व्यापार, उद्योग जगत एवं आमजन के लिए घातक बताया है। कोटा व्यापार महासंघ के अध्यक्ष क्रांति जैन (Kota Business Federation President Kranti Jain) एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी (General Secretary Ashok Maheshwari) ने बताया कि सभी तरह के एग्रीकल्चर एक्यूमेंट कृषि यंत्र कृषि के काम आने वाले उपकरण सहित कई वस्तुओं पर जीएसटी मे 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत की स्लैब में डाल दिए गए हैं, इसी प्रकार ग्रेडिंग अनाज बीज दालों की मशीन सभी प्रकार की चक्की आदि को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत की स्लैब मे किया गया है।

 एलईडी लैंप धातु मुद्रित कृषि उत्पाद दूध देने वाली मशीनें, डेयरी मशीनें सहित कई वस्तुओं को भी 12प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत की स्लैब में शामिल किया गया है। चमड़े का सामान इटों का निर्माण, कांट्रेक्टर कार्य आदि को भी 5 प्रतिशत से 12 प्रतिशत की स्लैब में बढ़ाया गया है ।

जैन व माहेश्वरी ने बताया कि वर्तमान में कोरोना के बाद व्यापार उद्योग जगत की व्यवस्थाएं तो वैसे ही चरमराई हुई है साथ ही आमजन मंगाई से त्रस्त है इस तरह आमजन रोजाना काम आने वस्तुओं पर जीएसटी की दरों को बढ़ाए जाने से और महंगाई बढ़ेगी, जिससे व्यापारी और आमजन भी प्रभावित होंगे।

 कोटा ग्रैंन एण्ड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन, एग्रीकल्चर पंप एंड मशीनरी डीलर्स एसोसिएशन, कोन्टेकटर एसोसिएशन फेडरेशन ऑफ टीवी ट्रेडर्स इलेक्ट्रिकल एसोसिएशन आदि संस्थाओं के पदाधिकारियों ने व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी के साथ आज एक बैठक कर उन्हें अपने व्यवसाय पर पडने वाले प्रभाव से अवगत कराया। महासचिव अशोक माहेश्वरी ने कहा सबसे बड़ा कुठाराघात तो आमजन के लिए रोजाना काम आने वाले खाद्य पदार्थ आटा, दाल, चावल आदि जो पूर्व में जीएसटी के दायरे से बाहर थी अब उन पर भी खाद्यान्न पैकिंग पर 18 जुलाई से इन सभी खाद्यान्न वस्तुओं को 5 प्रतिशत की जीएसटी स्लैब में डाल दिया गया है जिससे महंगाई बढेगी एवं आमजन पर बहुत भार पड़ेगा।

बैठक में एग्रीकल्चर पंप एंड मशीनरी डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश खंडेलवाल ने बताया कि कृषि उपकरण समर्सिबल पंप कृषि के काम आने वाले सामान जिन पर पूर्व में जीएसटी की दर 12 प्रतिशत थी उसे बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, इसी प्रकार सभी प्रकार की आटा चक्की या घरेलू आटा चक्की पर जीएसटी की दर जो पूर्व में 5 प्रतिशत थी उसे बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है वर्तमान में व्यापार तो वैसे ही चौपट है व्यापारी काफी परेशान है। इसलिए केंद्र सरकार को इन पर पुनः विचार करना चाहिये । कांट्रेक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं फेडरेशन ऑफ टीवी ट्रेडर्स के पदाधिकारियों ने भी कोटा व्यापार महासंघ को इनके ट्रेडो में की जा रही टैक्स की दरों में वृद्धि के बारे में अवगत कराया। ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि खाद्यान्न पदार्थों के पैकिंग पर 5 प्रतिशतजीएसटी दर लगा दी गई है जिससे आमजन पर काफी भार पड़ेगा।

 कोटा व्यापार महासंघ अध्यक्ष क्रांति जैन एवं महासचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि देश व प्रदेश स्तर पर जीएसटी की दरों को बढ़ाए जाने का विरोध किया जा रहा है। कोटा व्यापार महासंघ ने भी इसी संदर्भ में गुरूवार अपरान्ह 3.30 बजे माहेश्वरी जलसा होटल न्यू माहेश्वरी रेस्टोरेंट छावनी चौराहे पर कार्यकारिणी की आपातकालीन बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें इन मसलों पर गंभीरता से चिंतन कर आगे की रूपरेखा तय की जाएगी।