महात्मा गांधी के जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश, संभाग स्तरीय गांधी दर्शन प्रशिक्षण प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन

 
In the closing ceremony, imbibing the ideals and life values ​​of the Father of the Nation, Mahatma Gandhi, resolve to spread it among the masses.

कोटा। शांति एवं अहिंसा निदेशालय राजस्थान (Directorate of Peace and Non-Violence Rajasthan) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय संभाग स्तरीय गंाधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर (Three-day divisional level Gandhi Darshan Training Camp) का बुधवार को समापन हुआ। समापन समारोह में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्श व जीवन मूल्यों को आत्मसात् करते हुए जन-जन में प्रसारित करने का संकल्प (In the closing ceremony, imbibing the ideals and life values ​​of the Father of the Nation, Mahatma Gandhi, resolve to spread it among the masses.) लिया गया।

In the closing ceremony, imbibing the ideals and life values ​​of the Father of the Nation, Mahatma Gandhi, resolve to spread it among the masses.

विधायक रामनारायण मीणा ने समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सम्पूर्ण विश्व ने महात्मा गांधी के सि़द्धांतों को अपनाते हुए उनका अनुसरण किया है लेकिन हमारे देश में उनके आदर्शों को भुला दिया है जो चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य ही परमेश्वर है और सच्चाई के मार्ग पर चलने का संदेश दिया था जिसका अनुसरण वर्तमान परिस्थितियों में प्रासंगिक है।

शांति एवं अंहिसा निदेशालय राजस्थान के निदेशक मनीष कुमार शर्मा ने कहा कि देश में शांति व सद्भाव के लिए जरूरी है कि अहिंसा के मार्ग को अपनाया जाए। अहिंसा के पथ पर चलते हुए लोक कल्याण की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि संभाग स्तरीय गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर के बाद अगस्त माह के अंत तक जिला स्तरीय गांधी दर्शन प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने शिविर के समस्त प्रतिभागियों को महात्मा गांधी के जीवन दर्शन को आत्मसात् करते हुए जन-जन तक प्रसारित करने का संदेश दिया।

संभागीय आयुक्त दीपक नन्दी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन मूल्य वर्तमान समय में पूर्णतया प्रासंगिक है जिसके अनुसरण से जीवन के वास्तविक लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने प्रशिक्षण शिविर के दौरान विभिन्न व्यवस्थाएं करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों के प्रति आभार भी प्रकट किया।

In the closing ceremony, imbibing the ideals and life values ​​of the Father of the Nation, Mahatma Gandhi, resolve to spread it among the masses.

लोक कल्याण की योजनाओं पर दिया प्रजेन्टेशन-
संभाग स्तरीय गंाधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में जिला कलक्टर बूंदी डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने पीपीटी प्रजेन्टेशन के द्वारा से बंूदी जिले में मिशन उत्थान के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास, वित्तिय समावेशन एवं मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्स बीमा योजना के संबंध में प्रतिभागियों को विस्तृत जानकारी दी। जिला कलक्टर बारां नरेन्द्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना एवं चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के संबंध में प्रजेन्टेशन दिया।

सत्य के मार्ग पर चले-
पुलिस अधीक्षक शहर केसरसिंह शेखावत ने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्श सत्य के मार्ग पर चलकर ही पुलिस के ध्येय वाक्य ‘‘आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय’’ को साकार किया जा सकता है। आमजन को झूठी एफआईआर, मिथ्या कथन एवं अपराधियों को बचाने के लिए बयान नही देना चाहिए क्योंकि झूठ बोलकर हम समाज का बडा अहित कर जाते है।

सर्वधर्म प्रार्थना सभाएं जरूरी-
गांधीवादी विचारक सतीश रॉय ने देश के स्वतन्त्रता आन्दोलन दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रभाव एवं पंडित जवाहर लाल नेहरू, सुभाषचन्द्र बोस एवं डॉ. भीमराव अम्बेडकर के साथ हुए प्रसंगों को प्रस्तुत किया। वर्धा के गांधीवादी विचारक प्रशांत नागोसे एवं मनोज ठाकोरे ने कहा कि देश के समक्ष साम्प्रदायिकता बडी चुनौती है और इससे बचाव के लिए महात्मा गांधी का अनुसरण करते हुए गांवों, चौपालों व शहरों में सर्वधर्म प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाना चाहिए।

प्रशस्ति पत्र व मोमेन्टो देकर किया सम्मान-
संभाग स्तरीय गंाधी दर्शन प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में अतिथियों ने गाधी जीवन दर्शन समिति के जिला कोटा, बारां, बूंदी एवं झालावाड़ के जिला संयोजक क्रमशः पंकज मेहता, कैलाश जैन, राजकुमार माथुर एवं मीनाक्षी चन्द्रावत को प्रशस्ति पत्र व मोमेन्टो प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में विभिन्न व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए सीईओ जिला परिषद ममता तिवारी सहित अन्य अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।