गया और दरभंगा में करियर गाइडेंस सेमिनार में उमड़े विद्यार्थी, जज्बा है तो जीत भी दूर नहीं- नितिन विजय

-सफलता का विजय रथ बिहार में  
 
Students turned up for career guidance seminars in Gaya and Darbhanga, if there is passion then victory is not far away - Nitin Vijay
कोटा, (विशाल उपाध्याय)। मोशन एजुकेशन के फाउंडर और सीईओ नितिन विजय (Nitin Vijay, Founder and CEO, Motion Education) ने शनिवार को गया और रविवार को दरभंगा में विद्यार्थियों को करियर में कामयाबी के फंडे बताए। इस दौरान उन्होंने जोश-जज्बे के बीच छात्र-छात्राओं को प्रेरक सन्देश दिया और कोटा जाकर वहां की एनर्जी को जरूर महसूस करने का आव्हान किया। सेमिनार में भाग लेने वाले स्थानीय जानकारों का कहना था कि गया में यह अपनी तरह का पहला आयोजन था।

सफलता का विजय रथ अभियान के तहत गया के महाबोधि संस्कृति केंद्र और दरभंगा के किला रोड स्थित सीएम कॉलेज में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नितिन विजय ने कहा कि मुझे पढ़ाना पसन्द था, इसलिए आईआईटी में पढ़कर भी मैंने शिक्षक बनना स्वीकार किया। मोशन एजुकेशन की शुरुआत 7 दिसम्बर 2007 को एक कमरे की फिजिक्स क्लास से हुई थी जो आज लाखों लोगों की जिंदगी बदलने का जरिया बन गया है।

मोशन में हम हर विद्यार्थी पर व्यक्तिगत ध्यान देते हैं और सीखने-सिखाने के हाइब्रिड मॉडल का इस्तेमाल करते हैं। इसमें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों की खूबियां है। अगर आप कोटा आते हैं तो आपकी सफलता के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। सेमिनार में पहुंचे अभिभावकों को उन्होंने कहा कि बच्चे की इच्छा का सम्मान करें, वह भी आपको निराश नहीं करेंगे। 

सेल्फी लेने की होड़
सेमिनार में गया और आसपास के हजारों विद्यार्थी पहुंचे थे। इनमें कोई अकेला आया तो कोई अपने अभिभावकों के साथ। चहरे पर उत्साह और सीखने की ललक लिए यह बच्चे मोशन एजुकेशन के फाउंडर, सीईओ नितिन विजय से खासे प्रभावित नजर आए। सेमिनार से पहले और बाद में छात्र -छात्राओं में नितिन विजय के साथ सेल्फी लेने की होड़ नजर आई। 

सेमिनार में यह बोले विद्यार्थी और अभिभावक   
मैं सोशल मीडिया पर एनवी सर के वीडियो देखता था। मझे एनवी सर के पढ़ाने का तरीका बहुत पसंद आया। उनका बिहार आना हमारे लिए बहुत बड़ी बात है और उनके यहां आने की खबर से हम बहुत उत्साहित थे। सेमिनार में उनसे मिलकर मन में कुछ कर गुजरने का हौसला जागा है। मैं पहले से जेईई की तैयारी के लिए कोटा जाना चाहता था लेकिन थोड़ा नर्वस था। अब मेरा असमंजस दूर हो गया। थैंक यू एनवी सर।
-राजकुमार पासवान, छात्र

सेमिनार में आकर बहुत अच्छा लगा। एनवी सर न कोई नेता हैं और न ही अभिनेता लेकिन लोकप्रियता गजब की नजर आ रही थी। सेमिनार में बच्चों की शिक्षा और करियर के बारे में बताया है। उनका अपनी बात कहने का तरीका भी रोचक और प्रभावी है। यहां आकर पता चला मिला कि बच्चों को कैसे पढ़ाना है, आगे बढ़ाना है।
-जोगेश्वर सिंह, अभिभावक