अब शोक भूल परिजन आगे आकर करा रहें हैं नैत्रदान, 7 दिन में 6 नेत्रदान सम्पन्न

 
Now the bereaved family members are coming forward and getting their eyes donated, 6 eyes donated in 7 days

कोटा, (विशाल उपाध्याय)। नेत्रदान के कार्य के लिए, शोकाकुल परिजन अब शोक को भूलकर तुरंत ही नेत्रदान करवाने के लिए आगे आने लगे हैं। इसके साथ ही यदि पूर्व में परिवार में नेत्रदान हुआ है तो अब परिवारों में नेत्रदान परंपरा भी बनने लगा है। 

कल देर रात बोरखेड़ा निवासी सरदारनी इंद्रजीत कौर (76 वर्ष) का आकस्मिक निधन हुआ, जिसके उपरांत उनके नाती गुरु चरण सिंह ने अपनी नानी जी का नेत्रदान करवाने के लिए शाइन इंडिया के ज्योति मित्र हरजिंदर सिंह को संपर्क किया, पूर्व में गुरुचरण जी ने अपनी माता जी सुरमीत कौर का भी नेत्रदान कराया था। देर रात संस्था शाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से नेत्रदान का पुनीत कार्य संपन्न हुआ। 

इसी क्रम में आज सुबह माला रोड स्थित श्रीनाथ आर्केड निवासी लीलाधर गुप्ता का हृदयाघात से आकस्मिक निधन हुआ, जिसकी सूचना संस्था की ज्योति मित्र मुकेश अग्रवाल को मिली। उन्होंने तुरंत ही शोकाकुल परिवार के निवास पर पहुंचकर पुण्यात्मा के नेत्रदान करवाने के लिए समझाइश की जिस पर परिवार के सभी लोगों की सहमति बन गई थोड़ी देर बाद परिवार के सभी सदस्यों के बीच में नेत्रदान की प्रक्रिया संपन्न हुई।

ज्ञात हो कि शाइन इंडिया के अनवरत नैत्रदान जागरूकता अभियान से अब माह में 20-25 नेत्रदान हाड़ौती संभाग में हो रहे हैं,इस माह नवम्बर में भी पिछले 7 दिनों में 6 नेत्रदान हो चुके हैं ।