कोटा : स्कूल प्रशासन की मनमानी के खिलाफ दिया ज्ञापन, बच्चों को स्कूल आने से रोक रहा विद्यालय

 
Kota: Memorandum given against the arbitrariness of school administration, school preventing children from coming to school

कोटा। एक और जहां सरकारे सबको शिक्षा देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ निजी विद्यालय सरकार द्वारा बनाए शिक्षा के अधिकार कानून की ही धज्जियां उड़ा रहे हैं। आज 7 बच्चे व उनके अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक प्रदीप चौधरी को ज्ञापन देकर कहा कि हमारे बच्चों का ग्लोबल पब्लिक स्कूल तलवंडी में वर्ष 2013 में आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत कक्षा नर्सरी में चयन हुआ था, विद्यालय प्रशासन ने इसकी सूचना भी हमें वर्ष 2013 में पत्र के माध्यम से दी थी। तब से बच्चे ग्लोबल पब्लिक स्कूल तलवंडी में कक्षा नर्सरी से आरटीई के तहत अध्यनरत है। 

जिन्होंने इस वर्ष छठी कक्षा उत्तीर्ण कर ली है परंतु विद्यालय प्रशासन द्वारा लगभग 10 वर्ष बाद 12 अप्रैल को बच्चों को यह कहते हुए विद्यालय में आने से रोक दिया कि पिछले 10 वर्षों से सरकार द्वारा हमें आरटीई के तहत मिलने वाली राशि नहीं दी गई है। अब आपको आगे विद्यालय की फीस जमा करानी होगी तभी आपको विद्यालय में प्रवेश दिया जाएगा। इस बात से बच्चों सहित सभी अभिभावक मानसिक रूप से परेशान हो गए हैं।

 ज्ञापन देने पहुंचे अभिभावकों का कहना है कि इसमें बच्चों की व हमारी क्या गलती है। हम सब गरीब परिवार से हैं। हम फीस नहीं दे सकते थे इसीलिए तो हम बच्चों को आरटीई के तहत पढ़ा रहे हैं। विद्यालय पिछले 10 वर्षों से क्या कर रहा था।

 उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से उचित कार्रवाई की मांग करते हुए बच्चों के नियमित अध्ययन की मांग की है। इस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने दो दिन में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।