कोटा : जुलाई माह में मिलेगी जय मिनेश आदिवासी विश्वविद्यालय की सौगात- आरडी मीणा

- विश्वविद्यालय निर्माण का 80 फीसदी कार्य हुआ संपन्न, समिति के पदाधिकारियों ने किया अवलोकन
- शिक्षा के महायज्ञ में हर तबका दर्ज करवाए भागीदारी
 
Kota: Jai Minesh Tribal University's gift will be available in July - RD Meena

कोटा। कोचिंग सिटी कोटा शिक्षा के क्षेत्र में एक और कीर्तिमान स्थापित करने जा रही है। रानपुर में निर्माणाधीन जय मीनेश आदिवासी विश्वविद्यालय का 80 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है जुलाई माह में शिक्षा के मंदिर की देशभर के आदिवासी विद्यार्थियों के साथ साथ अन्य समाजों के विद्यार्थियों को सौगात मिलने जा रही है। 

शनिवार को मीना समाज सामाजिक एवं शैक्षणिक समिति के पदाधिकारियों एवं समाज के प्रबुद्धजनों ने निर्माणाधीन विश्वविद्यालय परिसर का अवलोकन किया और समाज द्वारा विश्वविद्यालय निर्माण में दिखाई गई प्रतिबद्धता पर आभार जताते हुए शिक्षा के मंदिर के निर्माण के यज्ञ में समाज के हर तबके से अपनी भागीदारी दर्ज करवाने की अपील की।

 समिति के निर्देशक एवं नगर विकास न्यास के ओएसडी आर डी मीणा ने बताया कि विश्वविद्यालय के 2 फ्लोर का कार्य लगभग कंप्लीट हो चुका है साथ ही परिसर में निर्माण कार्य तेजी से जारी है। जुलाई माह से विश्वविद्यालय में एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी साथ ही इसके साथ ही विभिन्न संकाय एवं व्यवसायिक कोर्स के पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। उन्होंने इस दौरान प्रदेश और देश भर में मौजूद समाज के प्रशासनिक अधिकारियों कर्मचारियों से अपील की है कि विश्वविद्यालय का सपना साकार होने जा रहा है अब तक 10 करोड़ रुपए की समाज की ओर से विश्वविद्यालय निर्माण में सहयोग राशि प्राप्त हो चुकी है।

 वहीं विश्वविद्यालय का निर्माण अंतिम दौर में है ऐसे में आदिवासी समाज में शिक्षा एवं आर्थिक विकास लिए पीढ़ियों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले विश्वविद्यालय के निर्माण में अपनी भागीदारी दर्ज करवाएं। पूर्व जिला प्रमुख एवं समिति के कार्यवाहक अध्यक्ष महावीर मीणा ने ही समाज के बंधुओं से शिक्षा के इस महायज्ञ में आहुति देने की अपील की वहीं पूर्व जिला प्रमुख कमला मीणा ने अब तक समाज द्वारा विश्वविद्यालय निर्माण में दिए गए सहयोग पर आभार जताते हुए अन्य समाजों से भी इस महायज्ञ में आहुति देने की अपील की।  रिटायर्ड आर ए एस अधिकारी रामजीवन मीणा एवं बंसी लाल मीणा ने भी शिक्षा के दान को महादान बताते हुए विश्वविद्यालय निर्माण के पूरे हो रहे सपने में अपनी भागीदारी दर्ज करवाने की समाज के बंधुओं से अपील की। समिति के पदाधिकारियों ने पूरे परिसर का अवलोकन किया।

 अवलोकन  के बाद विश्वविद्यालय देश के चुनिंदा विश्वविद्यालय में अपनी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक शिक्षा से अलग पहचान बनाएगा साथ ही आदिवासी समाज एवं अन्य समाज के विद्यार्थियों के लिए पीढ़ियों तक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण  साबित होगा ऐसा विश्वास जताते हुए निर्माण कार्य के अंतिम दौर में विश्वविद्यालय निर्माण में अपनी भागीदारी  दर्ज कराने वंचित रहे लोगों से इस महायज्ञ में अपनी अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग करने की अपील की।  इन मौके पर मांगीलाल मीणा, कमल मीणा हेमराज मीणा, दीनदयाल मीणा  सहित समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं समाज के प्रबुद्ध जन मौजूद रहे।